Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

मोरबी त्रासदी| पुल की प्रबंधक कंपनी उठाएगी अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी, घायलों और मृतकों के परिजनों को देगी मुआवजा; गुजरात हाईकोर्ट से कहा

Avanish Pathak
25 Jan 2023 10:50 AM GMT
मोरबी त्रासदी| पुल की प्रबंधक कंपनी उठाएगी अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी, घायलों और मृतकों के परिजनों को देगी मुआवजा; गुजरात हाईकोर्ट से कहा
x

अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड (ओआरईवीए ग्रुप) ने कहा है कि वह मोरबी हादसे अनाथ हुए 7 बच्चों की बिना किसी शर्त के जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार है। उल्लेखनीय है कि इसी कंपनी के पास मोरबी पुल के प्रबंधन का जिम्मा था, जो 30 अक्टूबर को ढह गया, जिससे 135 लोगों की मृत्यु हो गई।

अजंता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट एनडी नानावती ने चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष जे शास्त्री की पीठ के समक्ष यह दलील दी। उन्होंने यह भी प्रस्तुत किया कि कंपनी घायलों को मुआवजा देने को तैयार है और मृत लोगों के रिश्तेदारों को भी उनके द्वारा उचित मुआवजा दिया जाएगा।

प्रस्तुतियों को रिकॉर्ड पर लेते हुए, पीठ ने यह स्पष्ट किया कि मुआवजे का भुगतान राज्य द्वारा कंपनी के खिलाफ की जा सकने वाली कार्रवाई को प्रभावित नहीं करेगा और कोई भी इक्विटी कंपनी के पक्ष में नहीं होगी।

कंपनी ने आगे कहा कि वह मोरबी पुल ढहने की घटना से संबंधित कार्यवाही में खुद का बचाव करने का अधिकार सुरक्षित रखती है, और उसने कहा कि उसके पास पुल से कमाई करने के लिए कुछ भी नहीं था।

सीनियर एडवोकेट नानावती ने प्रस्तुत किया, "मैं यहां सिर्फ कंपनी का बचाव करने के लिए हूं। मुझे पता है कि कलेक्टर, राज्य और अन्य लोगों ने क्या किया है, लेकिन अब, सभी मुझे दोष नहीं दे सकते ... मेरी एकमात्र चिंता यह सुनिश्चित करना था कि हेरिटेज ब्रिज ठीक से संचालित हो। कुछ संस्थाएं मुझे पुल की देखभाल करने के लिए राजी किया ... यह एक व्यावसायिक उद्यम नहीं था कि हम इससे कमा रहे थे। किसी तरह भाग्य ने हमारा साथ नहीं दिया। कंपनी और इसका प्रबंधन बिखर गया है।"

अपने आदेश में, न्यायालय ने बाद में स्पष्ट किया कि मुआवजे के भुगतान से कंपनी अपने दायित्व से मुक्त नहीं होगी या उक्त घटना से संबंधित किसी अन्य कृत्‍य में उनके खिलाफ किसी भी कार्यवाही/मामले में कोई लाभ नहीं देगी।

इसके अलावा, जब सीनियर एडवोकेट नानावटी ने पीठ से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया कि पीड़ितों को दी जाने वाली मुआवजे की राशि क्या होगी, तो पीठ ने कहा कि यह सरला वर्मा और अन्य बनाम दिल्ली परिवहन निगम और अन्य 2008 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विचार करके निर्धारित किया जा सकता है।

गुजरात हाईकोर्ट मोरबी घटना से संबंधित एक सू मोटो मामले की सुनवाई कर रहा है। इससे पहले आज, गुजरात हाईकोर्ट ने मामले में प्रतिवादी के रूप में कंपनी [एम/एस अजंता मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड (ओरेवा ग्रुप]) को रिकॉर्ड पर लाने का आदेश दिया था।

केस टाइटल- स्वतः संज्ञान बनाम गुजरात राज्य, मुख्य सचिव

Next Story