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सऊदी अरब में हिंदू युवक का मुस्‍लिम परंपरा के अनुसार हुआ अंतिम संस्‍कार-केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि सऊदी अधिकारियों ने युवक की कब्र का पता लगाया

LiveLaw News Network
19 April 2021 1:27 PM GMT
सऊदी अरब में हिंदू युवक का मुस्‍लिम परंपरा के अनुसार हुआ अंतिम संस्‍कार-केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि सऊदी अधिकारियों ने युवक की कब्र का पता लगाया
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एक ऐसे मामले में, जहां एक भारतीय व्यक्ति को, सऊदी अरब में उसकी मौत पर मुस्लिम संस्कारों के अनुसार दफनाया गया था, भारत सरकार ने पिछले सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि सऊदी अरब में संबंधित अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों को सूचित किया है याचिकाकर्ता के पति की कब्र के भौगोलिक निर्देशांक का उन्होंने पता लगा लिया है।

जस्टिस प्रथिबा एम सिंह की खंडपीठ को विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के सीपीवी ड‌िव‌िजन के निदेशक ने भी जारी प्रयासों के सबंध में अवगत कराया था, और बताया था कि वे सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं।

मामला

व्यक्ति, जिसकी पहचान संजीव कुमार के रूप में की गई थी, भारतीय प्रवासी और भारतीय पासपोर्ट धारक था और 24 जनवरी को सऊदी अरब में कार्डियक अरेस्ट के कारण उसका निधन हो गया। मृतक के निधन को संबंधित अस्पताल ने प्रमाणित किया था, हालांकि, भारतीय वाणिज्य दूतावास के आधिकारिक अनुवादक ने उक्त मृत्यु प्रमाण पत्र का गलत तरीके से अनुवाद करते हुए उस व्यक्ति को मुस्लिम के रूप में दर्शा दिया।

मृतक व्यक्ति की पत्नी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया कि एमईए को निर्देश दिया जाए कि वह धर्म के अनुसार संस्कार करने के लिए मृतक के अवशेषों को कब्र से निकालने और उसे भारत लाने के लिए निर्देश दे।

गौरतलब है कि याचिकाकर्ता (मृतक व्यक्ति की पत्नी) ने जेद्दा में वाणिज्य दूतावास के एक अधिकारी को पहले ही पावर ऑफ अटॉर्नी दे चुकी है और सऊदी अरब में, वहां के कानून के अनुसार, याचिकाकर्ता की ओर से भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पहले ही ही कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

एमिकस क्यूरी

कोर्ट ने डॉ फारुख खान को इस मामले में एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया, और याचिकाकर्ता और उत्तरदाताओं, दोनों के वकीलों को जब भी आवश्यक हो, उनकी सहायता लेने की स्वतंत्रता दी गई है।

न्यायालय ने निर्देश दिया कि डॉ फारुख खान सहायता दे सकते हैं, और याचिकाकर्ता के पति के शव के अवशेषों को भारत लाने में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम भी उठा सकते हैं।

मामले को 29 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

केस टाइटिल- अनुज शर्मा बनाम यूओआई [डब्ल्यूपी (सी) 3371/2021]

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