Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

याचिकाकर्ता के पास विकल्प है कि वह टीवी बंद कर दे: मद्रास हाईकोर्ट ने दूरदर्शन पर संस्कृत समाचार के खिलाफ याचिका का निपटारा किया

LiveLaw News Network
16 Feb 2021 5:13 AM GMT
याचिकाकर्ता के पास विकल्प है कि वह टीवी बंद कर दे: मद्रास हाईकोर्ट ने दूरदर्शन पर संस्कृत समाचार के खिलाफ याचिका का निपटारा किया
x

मद्रास हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि यह सरकार के निर्णय लेने की बात है, पिछले महीने दूरदर्शन के तमिल पोधिगई टेलीविजन चैनल पर संस्कृत समाचार टेलीकास्ट करने के खिलाफ दायर एक याचिका का निपटारा किया।

मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश की खंडपीठ ने टिप्पणी की,

"यह याचिकाकर्ता के लिए खुला है कि वह टेलीविज़न को बंद कर दे और संस्कृत समाचार पढ़े जाने की अवधि के दौरान किसी अन्य स्रोत से मनोरंजन प्राप्त कर ले।"

खंडपीठ ने यह भी कहा कि दूरदर्शन चैनल के पास दर्शकों की संख्या सीमित है और संस्कृत में पढ़ी गई खबरें दिन के बहुत कम हिस्से लिए दिखाई जाती हैं।

याचिकाकर्ता एस. मुथुकुमार ने दूरदर्शन पोधिगई तमिल टेलीविजन चैनल में संस्कृत समाचार प्रसारित नहीं करने के लिए उत्तरदाताओं को 1 से 4 को निर्देश देने की मांग की थी।

[इस मामले में सूचना और प्रसारण मंत्रालय, प्रसार भारती के चेयरमैन, दूरदर्शन के डायरेक्टर जनरल और दूरदर्शन के डायरेक्टर, इन चार को पक्षकार बनाया गया था।]

इसके अलावा, सूचना और प्रसारण मंत्रालय से भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में पाए जाने वाली सभी भाषाओं के विकास के लिए समान रूप से धन आवंटित करने के लिए एक याचिकाकर्ता के ईमेल प्रतिनिधित्व दिनांक 16 दिसंबर 2020 को कानून के अनुसार विचार करने के लिए निर्देश दिया गया।

इस पर कोर्ट ने कहा,

"और भी बहुत अधिक सामाजिक चिंता के मामले हैं, जिन्हें देखे जाने की आवश्यकता है और इस तरह के छोटे मुद्दों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की आवश्यकता नहीं है।"

कोर्ट ने यह भी कहा,

"जब रिट याचिकाकर्ता को संस्कृत अच्छी या उपयोगी नहीं लगती है, तो उसकी इसे सुनने के लिए कोई बाध्यता नहीं है," न्यायालय ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अपनी सार्वजनिक भावना रखता है और न्यायालय के लिए सार्वजनिक हित से जुड़े मामले लाता है।

अंत में, याचिकाकर्ता को सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपना मामला पेश करने की स्वतंत्रता हुए याचिका का निपटारा किया गया।

केस का शीर्षक- एस. मुथुकुमार बनाम भारत सरकार के सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव और अन्य [W.P. (MD) No.19651 के 2020 और W.M.P. (MD) नंबर -137378 के]

ऑर्डर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें




Next Story