हाईकोर्ट द्वारा मेयर की शक्तियां निलंबित करने के तीन दिन बाद लखनऊ मेयर ने दिलाई एसपी पार्षद को शपथ
Shahadat
25 May 2026 3:59 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) द्वारा अपने आदेश का पालन न करने पर मेयर की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां निलंबित किए जाने के तीन दिन बाद लखनऊ नगर निगम की मेयर सुषमा खड़कवाल ने रविवार को समाजवादी पार्टी (एसपी) नेता ललित किशोर तिवारी को पार्षद के तौर पर शपथ दिलाई।
तिवारी अवध बार एसोसिएशन के महासचिव भी हैं। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी कि लखनऊ की मेयर उन्हें शपथ नहीं दिला रही हैं, जबकि चुनाव ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी कर उन्हें वार्ड नंबर 73, फैजुल्लागंज से निर्वाचित उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
याचिका पर सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने मेयर को हलफनामा दाखिल करने और यह बताने के लिए कई मौके दिए कि याचिकाकर्ता को शपथ क्यों नहीं दिलाई जा रही है।
चूंकि मेयर की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला, इसलिए बुधवार को जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस सैयद कमर हसन रिज़वी की बेंच ने अपने आदेश का लगातार पालन न करने के कारण मेयर की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां निलंबित कर दीं।
अपने आदेश में बेंच ने टिप्पणी की:
"लखनऊ की मेयर (प्रतिवादी) की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों को निलंबित करने का यह आदेश, जैसा कि ऊपर निर्देशित किया गया, दंडात्मक प्रकृति का नहीं है, बल्कि यह एक परिणामी संवैधानिक उपाय है, जिसका उद्देश्य न्यायिक आदेशों का पालन सुनिश्चित करना और वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन में हो रही लगातार बाधा को रोकना है।"
उल्लेखनीय है कि, 2023 के स्थानीय चुनावों में एसपी उम्मीदवार तिवारी को बीजेपी उम्मीदवार प्रदीप कुमार शुक्ला ने हरा दिया था। इसके बाद तिवारी ने चुनाव ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि बीजेपी उम्मीदवार ने अपने नामांकन पत्रों के हलफनामे में अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में गलत जानकारी दी थी।
उनकी याचिका पर ट्रिब्यूनल ने पिछले साल दिसंबर में शुक्ला का चुनाव रद्द कर दिया और दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार तिवारी को वार्ड नंबर 73 का निर्वाचित पार्षद घोषित कर दिया।
मेयर खड़कवाल ने हाईकोर्ट में यह दावा किया था कि चूंकि चुनाव हारने वाले उम्मीदवार ने अपील दायर की है, इसलिए शपथ नहीं दिलाई जा रही है।

