Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

महाराष्ट्र और गोवा के पांच जिलों को छोड़कर अंतरिम आदेशों की अवधि 11 अक्टूबर से आगे नहीं बढ़ाई जाएगी: बॉम्बे हाईकोर्ट

LiveLaw News Network
9 Oct 2021 8:06 AM GMT
महाराष्ट्र और गोवा के पांच जिलों को छोड़कर अंतरिम आदेशों की अवधि 11 अक्टूबर से आगे नहीं बढ़ाई जाएगी: बॉम्बे हाईकोर्ट
x

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र और गोवा में अदालतों और ट्रिब्यूनलों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 11 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। हालांकि यह आदेश महाराष्ट्र के उन पांच जिलों पर लागू नहीं होगा, जहां अभी भी COVDI-19 पॉजीटिव दर ज्यादा है।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि बेदखली, विध्वंस और बेदखली के खिलाफ लोगों के लिए अदालत के संरक्षण को उक्त तारीख से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा(2021 का स्वत: संज्ञान जनहित याचिका संख्या 1)

पीठ ने विशेष रूप से अपने में नोट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र राज्य के उक्त आदेश से बचे पांच जिलों पुणे, रत्नागिरी, अहमदनगर, सतारा और उस्मानाबाद के लिए अंतरिम आदेश 22 अक्टूबर तक बढ़ा दिए गए। वहीं जिन आदेशों पर 11 अक्टूबर तक विस्तार दिया गया, वे 12 अक्टूबर से समाप्त हो जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और जस्टिस एए सैय्यद, जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस पीबी वराले सहित वरिष्ठतम न्यायाधीशों की चार न्यायाधीशों की पीठ ने इससे पहले नौ अप्रैल, 2021 के बाद बेदखली या विध्वंस के सभी आदेशों को आठ अक्टूबर तक COVID-19 की तीसरी लहर की आशंका के तहत स्थगित कर दिया था।

यह आदेश मुंबई में अपनी प्रिंसिपल सीट पर बॉम्बे हाईकोर्ट, नागपुर और औरंगाबाद में बेंच और गोवा में बॉम्बे हाईकोर्ट और इसके अधीनस्थ न्यायालयों/न्यायाधिकरणों पर लागू होता है। साथ यह आदेश केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली, और दमन और दीव में अदालतों / न्यायाधिकरणों पर भी लागू होता है।

राज्य के लिए महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोनी ने शुक्रवार को कहा कि मुंबई का पॉजीटिव अनुपात थोड़ा बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी नियंत्रण में है और सारणीबद्ध डेटा प्रस्तुत किया।

उन्होंने प्रस्तुत किया कि शहर की 91 प्रतिशत आबादी को कम से कम COVID-19 की एक डोज लगा दी गई, इसलिए अंतरिम आदेशों के माध्यम से सुरक्षात्मक उपायों को कम किया जा सकता है।

एक सप्ताह के लिए अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने के पीठ के विचार के जवाब में कुंभकोनी ने प्रस्तुत किया कि शहर में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो रहा है। सतारा, अहमदनगर, उस्मानाबाद और रत्नागिरी में पॉजिटिविटी रेश्यो ज्यादा होने पर भी मुंबई को इन जगहों से अलग किया जा सकता है। राज्य को अभी सभी लॉकडाउन प्रतिबंधों को उठाना बाकी है और अगले सप्ताह किसी समय अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

उन्होंने कहा,

'विशेषज्ञों ने कहा कि गणेश विसर्जन के दस दिन बाद वास्तविक रुझान का पता चलेगा। एडवोकेट उदय वारुजीकर ने अदालत से कम से कम तीन सप्ताह के लिए अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने पर विचार करने का अनुरोध करते हुए कहा कि केवल वे लोग जिन्होंने टीके की दोनों डोज के दो सप्ताह पूरे कर लिए, वे यात्रा करने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि शहर में ऐसी आबादी 48 प्रतिशत के आसपास है। कई वकीलों को अभी-अभी वैक्सीन लगाया गया है, फिर अदालत में सुनवाई के दौरान बहुत भीड़ होगी।

सीजे ने आज से पहले सुनवाई में कहा,

"इसे जल्दी ही शुरू होने दें। हमारे आदेश आम जनता की रक्षा के लिए हैं, लेकिन कुछ लोग इसका फायदा उठाते हैं। हमारे अधिकारी तैयार हैं। न्याय तक पहुंच बिल्कुल मुफ्त होने दें। हम आठ तारीख को भी स्थिति का आकलन करेंगे।

अदालत ने निर्देश दिया कि किसी भी अदालत/न्यायाधिकरण/प्राधिकरण के किसी भी परिसर के किराए या कब्जे के शुल्क के भुगतान की अनुमति देने के सशर्त आदेश नौ अप्रैल, 2021 से किराए या व्यवसाय शुल्क जमा न करने के बावजूद जारी रहेंगे।

इसी तरह, किराया नियंत्रण कानून और/या अन्य प्रासंगिक क़ानूनों के अनुसार किराया या व्यवसाय शुल्क जमा करने में विफलता और/या चूक अगले आदेश तक किरायेदार या रहने वाले को बेदखली के लिए उत्तरदायी नहीं बनाएगी।

ऑर्डर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



Next Story