लगातार 215 तक बीमार रहा वकील! हाईकोर्ट ने कहा, महज इस आधार पर देरी को माफ़ नहीं किया जा सकता
Shahadat
8 Sept 2026 8:09 PM IST

मेघालय हाईकोर्ट ने कहा कि अपील दायर करने में हुई लंबी और अत्यधिक देरी को माफ़ करने के लिए सिर्फ़ वकील की अक्षमता या बीमारी ही काफ़ी आधार नहीं हो सकती। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मुक़दमेबाज़ों का भी यह फ़र्ज़ है कि वे अपने अधिकारों और अपने द्वारा शुरू की गई न्यायिक कार्यवाही के प्रति सतर्क रहें।
215 दिन की देरी को माफ़ करने वाले आदेश को रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि देरी की पूरी अवधि के लिए संतोषजनक स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए और लंबे समय तक कोई कार्रवाई न करने की ज़िम्मेदारी पूरी तरह से वकील पर नहीं डाली जा सकती।
जस्टिस बी. भट्टाचार्जी ने टिप्पणी की:
"वकील की अक्षमता, अपने आप में लंबी और अत्यधिक देरी को माफ़ करने का आधार नहीं हो सकती, क्योंकि मुक़दमेबाज़ का यह फ़र्ज़ है कि वह अपने अधिकारों और अपनी पहल पर शुरू की गई न्यायिक कार्यवाही के प्रति सतर्क रहे।"
Case Name: Jriang Singh v/s Smti.Saihunlang Phannuh


