ट्रायल रूम में महिला की तस्वीरें लेने के आरोपी के खिलाफ FIR रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार, पूछा- 'कौन सुरक्षित है?
Shahadat
28 Jan 2026 9:18 PM IST

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (27 जनवरी) को बेंगलुरु में एक कपड़ों की दुकान के ट्रायल रूम में महिला की तस्वीरें लेने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता ने BNS की धारा 77 के तहत ताक-झांक के अपराध के लिए पुलिस द्वारा दर्ज 2024 की FIR रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की। इस बीच याचिका में जांच पर रोक लगाने की भी मांग की गई।
शुरुआत में जब मामला सामने आया तो जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने याचिकाकर्ता के वकील से मौखिक रूप से पूछा,
"आपने फोन का कैमरा कहां रखा था?"
वकील ने जब कहा कि याचिकाकर्ता ने कोई फोन नहीं रखा था और उसका फोन मौके पर ही ले लिया गया तो कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा:
"क्या कभी नहीं रखा? एक महिला ट्रायल रूम में जाती है और आप शूट करते हैं? अगर आप पर्दों के पीछे से शूटिंग करते रहेंगे तो कोई भी कपड़ों की दुकान किसी महिला के लिए कैसे सुरक्षित हो सकती है?... मामला ताक-झांक का है। हम ऐसे लोगों को नहीं छोड़ेंगे... अगर यह आरोप भी लगता है कि आपने ट्रायल रूम में कैमरा रखा था... तो कोई भी महिला सुरक्षित नहीं है... आरोप है कि जब वह फोन लेने बाहर आई तो आपने डिलीट कर दिया था... मैं ऐसे मामलों पर बिल्कुल भी सुनवाई नहीं करूंगा।"
कोर्ट को आगे बताया गया कि मामले में चार्जशीट दायर की जा चुकी है और याचिकाकर्ता 19 साल का है।
इसके बाद कोर्ट ने कहा,
"ट्रायल का सामना करो... सब कुछ ट्रायल पर निर्भर करता है। अगर सभी शोरूम ट्रायल रूम में फोन रखने लगेंगे तो कौन सुरक्षित है?... मैं सुनवाई नहीं कर रहा हूं। आप बरी हो सकते हैं..."।
कुछ सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता के वकील ने कानून के तहत उपलब्ध उपायों का लाभ उठाने के लिए याचिका वापस लेने की मांग की, जिसकी अनुमति कोर्ट ने दी।
इसके साथ ही याचिका का निपटारा कर दिया गया।
Case title: SRI FAISAL ULLA SHARIF @ FAISAL ULLA SHARIFF v/s THE STATE OF KARNATAKA AND ANOTHER

