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कर्नाटक हाईकोर्ट ने COVID-19 मानदंडों के उल्लंघन में चर्च के बाहर शव का अंतिम संस्कार करने वाले पादरी को राहत देने से इनकार किया

LiveLaw News Network
22 Oct 2021 2:00 AM GMT
कर्नाटक हाईकोर्ट ने COVID-19 मानदंडों के उल्लंघन में चर्च के बाहर शव का अंतिम संस्कार करने वाले पादरी को राहत देने से इनकार किया
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने मैसूर में एक चर्च के पादरी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया है, जिसमें कथित तौर पर एक शव का अंतिम संस्कार करते समय COVID-19 मानदंडों का उल्लंघन किया गया था।

यह आरोप लगाया गया है कि चर्च के बाहर अंतिम संस्कार करने की पादरी की कार्रवाई ने लॉकडाउन बीच एक बड़ी भीड़ का कारण बना। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि कार्यक्रम में कोई भीड़ नहीं थी। मृतक ने COVID​​​​-19 नेगेटिव था और सभी अनुष्ठान निगम के अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए थे।

हालांकि, अदालत ने नोट किया, "तर्क को स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि सरकार द्वारा जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया गया प्रतीत होता है। याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत तस्वीर से पता चलता है कि उस समय लोगों की एक बड़ी भीड़ थी। इसे देखते हुए, मुझे नहीं लगता कि झूठी प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की आवश्यकता है। इस दृष्टि से मुझे इस याचिका को स्वीकार करने के लिए अच्छे आधार नहीं मिलते हैं। इसे खारिज किया जाता है।"

एनआर पुलिस स्टेशन ने आईपीसी की धारा 188, कर्नाटक महामारी रोग अधिनियम, 2020 की धारा 4(2)(ई), 5(4) और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया था। रेव एलिश कुमार और गिल्बर्ट देवप्रसाद ने तृतीय अतिरिक्त मुख्य सिविल जज (जूनियर डीएन) और जेएमएफसी, मैसूर के समक्ष लंबित कार्यवाही को रद्द करने की मांग की ‌थी।

ऐसा कहा गया था कि रेव विलियम सुजय कुमार, जो वेल्सी चर्च, मैसूर के सहायक प्रेस्बिटर थे, उनकी मृत्यु 30 अप्रैल 2021 को हुई थी। उन्हें आरटी-पीसीआर परीक्षण में नेगेटिव पाया गया था, लेकिन शव को अंतिम संस्कार के लिए निगम अधिकारियों को सौंप दिया गया।

शव के अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से पहले सीएसआई येसु कृपालय चर्च के सामने एक छोटा सा अनुष्ठान आयोजित किया गया और उस समय याचिकाकर्ता नंबर एक स्थानापन्न पादरी था, जिसने याचिकाकर्ता संख्या दो की सहायता से अनुष्ठान किया था।

चर्च के सामने चल रहे अनुष्ठान के बारे में पता चलने और संक्रामक COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए निषेधात्मक आदेशों को देखते हुए, पुलिस उस स्थान पर गई और 25-30 लोगों की भीड़ को देखा और इसलिए याचिकाकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।

केस शीर्षक : रेव. एलिश कुमार बनाम कर्नाटक राज्य

केस नंबर : 2021 की आपराधिक याचिका संख्या 4834

आदेश की तिथि: 24 सितंबर, 2021।

प्र‌तिनिध‌ित्व: याचिकाकर्ता के लिए एडवोकेट शैलेश एस कटारे; प्रतिवादियों की ओर से एडवोकेट आरडी रेणुकारध्या।

आदेश पढ़ने/डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें

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