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एक व्यक्ति को विदेशी घोषित करने के फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के एक तरफा आदेश को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने रद्द किया

LiveLaw News Network
29 Feb 2020 7:36 AM GMT
एक व्यक्ति को विदेशी घोषित करने के फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के एक तरफा आदेश को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने रद्द किया
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यह देखते हुए कि विदेशी ट्रिब्यूनल ने इस तथ्य पर ध्यान दिए बिना कि एक व्यक्ति को नोटिस कर माध्यम से सूचना नहीं दी गई है और उसे 'विदेशी' घोषित कर दिया, गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने उस आदेश को पलटते हुए मामले में हस्तक्षेप किया।

यह मामला साहिनुर इस्लाम बनाम भारत संघ का है, जिसमें 6 अप्रैल, 2010 को विदेशी ट्रिब्यूनल, जोरहाट द्वारा पारित पूर्व के आदेश के खिलाफ दायर एक रिट याचिका दायर की गई थी।

याचिकाकर्ता, साहिनूर इस्लाम ने कहा कि उसे नोटिस दिए बिना ही आदेश पारित कर दिया गया। यह आदेश जुलाई 2019 में एनआरसी सुनवाई के दौरान उनके संज्ञान में आया, याचिकाकर्ता ने कहा।

हाईकोर्ट ने मामले के रिकॉर्ड देखा और नोट किया कि 5 फरवरी, 2010 को उन्हें जारी किया गया नोटिस बिना तामील के लौटा दिया गया, क्योंकि याचिकाकर्ता दिए गए पते में उपलब्ध नहीं थे।

इस तथ्य के संबंध में कि याचिकाकर्ता को किसी भी तरीके से नोटिस नहीं मिला, जैसा कि विदेशियों (न्यायाधिकरण) के आदेश 1964 के पैराग्राफ 3 (5) के तहत किया जाना चाहिए, हम इस विचार के हैं कि याचिकाकर्ता योग्यता पर केस लड़ने के लिए सुनवाई के अवसर से वंचित रखा गया था, "जस्टिस मनोजित भुइयां और जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की डिवीजन बेंच ने कहा।

ट्रिब्यूनल के आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया और मामले को योग्यता के आधार पर नए सिरे से विचार के लिए ट्रिब्यूनल को वापस भेज दिया।

याचिकाकर्ता को 20 मार्च, 2020 को ट्रिब्यूनल के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया गया और ट्रिब्यूनल को 60 दिनों के भीतर मामले को निपटाने का निर्देश दिया गया।

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