I-PAC रेड के दौरान CM ममता बनर्जी के कथित दखल के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची ED
Shahadat
8 Jan 2026 6:55 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि 2020 के कोयला घोटाले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बाधा डाली गई और इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) से जुड़े ठिकानों पर दिन में पहले की गई तलाशी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दखल दिया।
हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में केंद्रीय एजेंसी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत तलाशी कर रहे अपने अधिकारियों के काम में "बाधा और रुकावट" डालने के मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।
ED के अनुसार, I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कोलकाता में कंसल्टेंसी के सॉल्ट लेक ऑफिस में तलाशी "शांतिपूर्वक और पेशेवर तरीके से" चल रही थी, तभी ममता बनर्जी वरिष्ठ राज्य पुलिस अधिकारियों के साथ वहां पहुंचीं।
एजेंसी का दावा है कि मुख्यमंत्री घर में घुसीं और फिजिकल डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सहित अहम सबूत हटा दिए। उसके बाद I-PAC ऑफिस गईं, जहां इसी तरह से सामान हटाया गया।
हाईकोर्ट में दायर ED के बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि उसकी कार्रवाई सबूतों पर आधारित और कानूनी रूप से अनिवार्य थी, जो 2020 से कथित हवाला लेनदेन से जुड़ी एक बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच की ओर इशारा करती है, जिसमें कोयला तस्करी और संबंधित फंड से जुड़ा एक ऑपरेटर शामिल है।
खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का आरोप है कि केंद्र सरकार ने एजेंसी का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस के चुनाव अभियान को मैनेज करने वाले IPAC के ऑफिस से संवेदनशील चुनाव से जुड़े डॉक्यूमेंट्स हटाने के लिए किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिधाननगर पुलिस ने रेड करने वाली टीम के ED सदस्यों के खिलाफ आपराधिक धमकी और जबरन घुसने के आरोपों पर FIR दर्ज की।
खास बात यह है कि राज्य और केंद्र के बीच तनाव में यह बड़ी बढ़ोतरी पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों में वोटिंग से कुछ महीने पहले हुई।

