Delhi Riots: मेडिकल आधार पर ताहिर हुसैन को मिली जेल में इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी का तख्त इस्तेमाल करने की इजाज़त

Shahadat

9 Sept 2026 9:46 AM IST

  • Delhi Riots: मेडिकल आधार पर ताहिर हुसैन को मिली जेल में इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी का तख्त इस्तेमाल करने की इजाज़त

    दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को जेल के अंदर इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी का तख्त इस्तेमाल करने की इजाज़त दी।

    एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने UAPA मामले में हुसैन की अर्ज़ी को मंज़ूरी दी। यह मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे एक बड़ी साज़िश से जुड़ा है।

    हुसैन के वकील ने कहा कि वह कई बीमारियों से जूझ रहे हैं और जेल में आसानी से रहने के लिए उन्हें नियमित रूप से गर्म पानी की ज़रूरत होती है, जिसके लिए उन्हें इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी के तख्त की आवश्यकता है।

    यह भी बताया गया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और जेल अधिकारियों की सिफारिश पर हुसैन को हमेशा इन दो चीज़ों के इस्तेमाल की इजाज़त दी गई।

    हुसैन के अनुसार, वह पिछले पांच वर्षों से इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी के तख्त का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने अनुरोध किया कि उन्हें इनका इस्तेमाल जारी रखने की इजाज़त दी जाए।

    अर्जी को मंज़ूरी देते हुए कोर्ट ने गौर किया कि हुसैन ने कई मेडिकल कागज़ात दिखाए हैं, जिनमें उन्हें इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी के तख्त के इस्तेमाल की इजाज़त दी गई।

    कोर्ट ने कहा,

    "आरोपी द्वारा दिखाए गए मेडिकल कागज़ात और उनके अनुरोध को देखते हुए अर्ज़ी को मंज़ूरी दी जाती है।"

    कोर्ट ने निर्देश दिया,

    "आदेश दिया जाता है कि आरोपी ताहिर हुसैन जेल के नियमों के अनुसार इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी के तख्त का इस्तेमाल कर सकते हैं।"

    जज ने संबंधित जेल के अधीक्षक को आदेश का पालन करने का निर्देश दिया।

    ट्रायल कोर्ट ने 29 जनवरी को इस मामले में हुसैन की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की थी। UAPA मामले में उनकी ज़मानत अर्ज़ी अभी दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है।

    आरोपी 2019-2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) विरोधी प्रदर्शनों को आयोजित करने में सबसे आगे रहने वाले छात्र कार्यकर्ता हैं, उन पर गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत आरोप लगाए गए। उन पर फरवरी 2020 के आखिरी हफ़्ते में राष्ट्रीय राजधानी में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे "बड़ी साज़िश" रचने का आरोप है।

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