YouTube चैनल '4PM' से हटा बैन, हाईकोर्ट ने 'आपत्तिजनक' वीडियो को ब्लॉक करने का दिया निर्देश
Shahadat
11 May 2026 9:28 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में YouTube चैनल "4PM" को बहाल करने का आदेश दिया। इस चैनल को केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद ब्लॉक किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया गया था। यह बहाली इस शर्त पर की गई कि 26 कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो को अस्थायी रूप से निलंबित रखा जाएगा।
जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने यह आदेश चैनल के एडिटर संजय शर्मा और 4PM न्यूज़ नेटवर्क द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इस याचिका में YouTube चैनल और उसके सभी कंटेंट को बहाल करने की मांग की गई थी।
याचिका के अनुसार, 12 मार्च को YouTube ने याचिकाकर्ताओं को सूचित किया कि उसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 16(2) के तहत भारत में चैनल को ब्लॉक करने के निर्देश मिले हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर वकील अखिल सिब्बल ने तर्क दिया कि उन्हें न तो चैनल ब्लॉक करने का आदेश दिया गया और न ही ब्लॉक करने के कारणों के बारे में बताया गया। इस वजह से वे अधिकारियों के सामने अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख पाए।
याचिका का विरोध करते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि अंतर-विभागीय समिति (IDC) ने 24 मार्च, 2026 को चैनल पर मौजूद सामग्री की जांच करने के बाद पहले ही आदेश पारित किया। समिति ने पाया था कि इस सामग्री को जनता के लिए उपलब्ध रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
केंद्र सरकार ने तर्क दिया कि यह सामग्री भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक है।
हालांकि, कोर्ट ने यह बात नोट की कि चैनल पर लगभग 50,000 वीडियो अपलोड किए गए, लेकिन उनमें से केवल 26 वीडियो को ही कथित तौर पर आपत्तिजनक बताया गया।
कोर्ट ने उन पिछले मामलों का भी हवाला दिया, जिनमें समान स्थिति वाले याचिकाकर्ताओं को IDC के समक्ष कार्यवाही पूरी होने तक अपने चैनल चलाना जारी रखने की अनुमति दी गई।
दोनों पक्षकारों के हितों में संतुलन बनाते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता IDC के सामने पेश हों। IDC कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री की पहचान करेगी और याचिकाकर्ताओं को उस सामग्री के बारे में स्पष्टीकरण देने या उसे सही ठहराने का पर्याप्त अवसर देगी।
कोर्ट ने आगे आदेश दिया कि YouTube कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दे और उसके बाद चैनल को बहाल कर दे।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि IDC द्वारा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव को की गई कोई भी सिफारिश याचिकाकर्ताओं को भी उपलब्ध कराई जाए। इसमें यह स्पष्ट किया गया कि मंत्रालय चैनल पर भविष्य में अपलोड की जाने वाली सामग्री की निगरानी करने और यदि कोई आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जाती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगा।
Title: SANJAY SHARMA AND ANR v. UNION OF INDIA AND ORS

