दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने प्रस्तावित BS-VI वाहन प्रतिबंध से जजों और वकीलों को छूट देने की मांग की

  • दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने प्रस्तावित BS-VI वाहन प्रतिबंध से जजों और वकीलों को छूट देने की मांग की

    दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर जजों, वकीलों और कोर्ट के कर्मचारियों को उन वाहनों पर लगने वाले प्रस्तावित प्रतिबंध से छूट देने की मांग की, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों (Emission Standards) को पूरा नहीं करते। यह प्रतिबंध 1 नवंबर से लागू होने वाला है।

    30 अक्टूबर के अपने पत्र में DHCBA के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन ने उपराज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने और कानूनी बिरादरी के सदस्यों को इन प्रतिबंधों से छूट देने का आग्रह किया।

    पत्र में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से दिल्ली की सड़कों पर उन वाहनों के चलने पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते।

    इसमें यह भी बताया गया कि दिल्ली पुलिस के ट्रैफिक विभाग को राष्ट्रीय राजधानी में चलते पाए जाने वाले ऐसे वाहनों को जब्त (Impound) करने का अधिकार दिया गया।

    एसोसिएशन ने बताया कि दिल्ली में BS-VI उत्सर्जन मानक 2020 में लागू किए गए। वहीं, पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों को परिवहन विभाग और सुप्रीम कोर्ट ने उनके तय जीवनकाल तक—डीजल वाहनों के लिए 10 साल और पेट्रोल वाहनों के लिए 15 साल तक—चलने की अनुमति दी हुई है।

    एसोसिएशन ने इस बात पर जोर दिया कि बड़ी संख्या में वकील नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद जैसे पड़ोसी शहरों से दिल्ली आते-जाते हैं। साथ ही एसोसिएशन ने कहा कि दिल्ली में रहना कई वकीलों, जजों और कोर्ट कर्मचारियों के लिए भी काफी महंगा हो गया।

    एसोसिएशन ने आगे कहा कि कानूनी बिरादरी के सदस्य न्याय प्रशासन (Administration of Justice) जैसी आवश्यक सेवा से जुड़े हैं, इसलिए उन्हें वाहनों पर लगाए जा रहे इस प्रस्तावित प्रतिबंध से छूट मिलनी चाहिए।

    इसी के चलते, एसोसिएशन ने इस मामले में उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की।

    अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

    Next Story