एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को किया रिहा
Shahadat
17 Oct 2026 6:43 PM IST

शनिवार को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को रिहा करने का आदेश दिया। उन्हें दिल्ली पुलिस ने प्रिवेंटिव अरेस्ट (एहतियाती हिरासत) में लिया था।
दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया। उन्हें शुक्रवार शाम को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वह CJP द्वारा सेंट्रल पार्क में आयोजित 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कनॉट प्लेस जा रहे थे।
आदेश जारी होने के बाद शर्तें स्पष्ट हो जाएंगी। दिपके को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। उन्हें 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड) की शर्तों का पालन करना होगा। इन शर्तों में से एक यह है कि उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी।
पुलिस के अनुसार, अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। उनके साथ हिरासत में ली गईं नेहा बोरा को भी आज (रविवार) औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिहा कर दिया गया।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 126, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई करने का अधिकार देती है, जिससे शांति भंग होने या सार्वजनिक अव्यवस्था फैलने की आशंका हो।
धारा 170 पुलिस अधिकारी को यह अधिकार देती है कि वह किसी संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) को होने से रोकने के लिए, बिना वारंट या मजिस्ट्रेट के आदेश के, किसी व्यक्ति को एहतियाती तौर पर गिरफ्तार कर सकता है।
दिल्ली पुलिस ने दिपके को झंडेवालान स्थित उनके घर से उठाया था।
शुक्रवार दोपहर को दिल्ली पुलिस के 20 से अधिक जवान दिपके के घर पहुंचे और उन्हें एक नोटिस दिया। इस नोटिस में उनसे कहा गया था कि वे ऐसा कोई काम न करें जिससे नागरिकों, व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों या अन्य लोगों के अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
इससे पहले भी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने पर दिपके और CJP के अन्य नेताओं - सौरव दास और आशुतोष रांका - को विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। उस समय उन्हें एक 'पीस बॉन्ड' पर रिहा किया गया, जिसके तहत उन्हें एक साल तक इलाके में शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
इसी घटनाक्रम में 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में प्रवेश करने के आरोपों के चलते, हाल ही में पुलिस ने CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को फिर से हिरासत में ले लिया। बाद में शांति बनाए रखने के लिए भरे गए बॉन्ड के कथित उल्लंघन के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त आधार पाते हुए SEM ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

