दिल्ली कोर्ट ने 2021 के विरोध प्रदर्शन मामले में SFI नेता आइशी घोष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर लगाई रोक

Shahadat

29 July 2026 7:09 PM IST

  • दिल्ली कोर्ट ने 2021 के विरोध प्रदर्शन मामले में SFI नेता आइशी घोष के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर लगाई रोक

    दिल्ली कोर्ट ने बुधवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट के अमल पर रोक लगाई। यह वारंट 2021 में बांग्ला भवन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में जारी किया गया।

    यह FIR 2021 में बांग्ला भवन के सामने आयोजित एक प्रदर्शन से संबंधित है। घोष पर सरकारी अधिकारी के आदेश की कथित अवहेलना (IPC की धारा 188) और आपराधिक अतिचार (IPC की धारा 447) जैसे अपराधों के आरोप लगाए गए। इस मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।

    पटियाला हाउस कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-05 ने घोष के वकील की दलील के बाद वारंट पर रोक लगाई। वकील ने बताया था कि सुनवाई की पिछली तारीख पर घोष के मौजूद न हो पाने की वजह अपरिहार्य परिस्थितियां थीं। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख तक वारंट पर रोक लगा दी और घोष को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।

    यह घटनाक्रम उस घटना के एक दिन बाद हुआ है, जब कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय से घोष को गिरफ्तार करने की कोशिश की थी।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को एक महिला पुलिस अधिकारी से बहस करते हुए देखा गया, जो यूनिफॉर्म में नहीं थीं।

    घोष हाल ही में परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर SFI के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक के रूप में उभरी थीं। इन विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था।

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