200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनेंगी जैकलीन फर्नांडीज, कोर्ट ने ED से मांगा जवाब
Shahadat
17 April 2026 5:00 PM IST

दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की मांग की।
पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की।
ED ने एक्ट्रेस को कई बार समन भेजा था और पहली बार एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उन्हें सह-आरोपी के तौर पर नामजद किया। इस मामले में उन्हें दसवें आरोपी के तौर पर पेश किया गया।
पिछले साल जुलाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने PMLA मामला रद्द करने की उनकी अर्जी खारिज की थी। कोर्ट ने कहा कि उन्हें यह आशंका है कि कोई भी सबूत उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकता, लेकिन इस आधार पर ECIR रद्द नहीं किया जा सकता, क्योंकि उन्हें पहले से ही कानूनी और संवैधानिक सुरक्षा मिली हुई है और इन सुरक्षाओं के दायरे में ही मामले का आकलन किया जाएगा।
पिछले साल सितंबर में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उनकी SLP (विशेष अनुमति याचिका) को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया। उन्हें उचित समय पर कोर्ट में दोबारा अर्जी देने की छूट दी गई।
अपनी अर्जी में एक्ट्रेस ने कहा था कि ED द्वारा पेश किए गए सबूतों से यह साबित हो जाएगा कि वह सुकेश के "जानबूझकर किए गए हमले" की एक "निर्दोष शिकार" हैं।
उन्होंने कहा कि ED ने खुद यह माना कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने सुकेश को मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरणों तक बेरोकटोक पहुंच दी थी। सुकेश ने इन्हीं डिवाइस का इस्तेमाल करके, एक ही तरीके (Modus Operandi) से, मूल शिकायतकर्ता और कई फिल्म कलाकारों (जिनमें वह खुद भी शामिल हैं) को ठगा था।
यह भी दलील दी गई कि जब ED ने अपनी मर्जी से फर्नांडीज को मुख्य अपराध (Predicate Offence) में सरकारी गवाह के तौर पर पेश किया तो इसका सीधा-सा मतलब यह है कि इस मामले से जुड़ी आगे की सभी कानूनी कार्रवाई को रद्द कर दिया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के सामने फर्नांडीज ने यह दलील दी कि वह मुख्य अपराध में सरकारी गवाह हैं। उन्होंने कहा कि सुकेश और उसके साथी पिंकी ईरानी ने उन्हें यह यकीन दिलाने की कई बार कोशिश की थी कि सुकेश एक सफल बिजनेसमैन है, जिसे अक्सर राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जाता है।

