BREAKING| दिल्ली कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह को किया बरी
Shahadat
3 Aug 2026 10:57 AM IST

दिल्ली कोर्ट ने सोमवार को बीजेपी नेता और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों वाले मामले में बरी किया।
राउज़ एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने बरी करने का आदेश सुनाया।
जज ने मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी किया।
अभियोजन पक्ष, शिकायतकर्ताओं और आरोपियों की लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। कार्यवाही बंद कमरे में (इन-कैमरा) हुई।
महिला पहलवानों की ओर से सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन पेश हुईं। सिंह का प्रतिनिधित्व एडवोकेट राजीव मोहन ने किया।
मई 2024 में सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप तय किए गए। हालांकि, पीड़िता नंबर 6 द्वारा लगाए गए आरोपों से उन्हें बरी (डिस्चार्ज) कर दिया गया।
दूसरे आरोपी विनोद तोमर के लिए कोर्ट ने पीड़िता नंबर 1 के संबंध में धारा 506 पार्ट 1 के तहत आरोप तय किए। कोर्ट ने कहा कि बाकी अपराधों के लिए उन्हें बरी कर दिया गया।
इससे पहले, कोर्ट ने मामले में आगे की जांच और आरोप तय करने पर और दलीलें देने की सिंह की अर्जी खारिज की। उन्होंने दावा किया कि घटना वाली तारीख को वह भारत में नहीं थे।
सिंह इस मामले में जमानत पर बाहर हैं, साथ ही सह-आरोपी विनोद तोमर भी, जो रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी हैं।
दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। तोमर के खिलाफ IPC की धारा 109 (उकसाना) भी लगाई गई।
हालांकि, एक नाबालिग पहलवान द्वारा सिंह के खिलाफ दर्ज POCSO मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई।
बीजेपी सांसद पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यौन उत्पीड़न की कथित घटनाएं 2016 और 2019 के बीच WFI ऑफिस, सिंह के सरकारी आवास और विदेश में हुईं।


