Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने बिटकॉइन एटीएम की स्थापना करने पर आपराधिक मामले को खारिज किया

LiveLaw News Network
18 Feb 2021 9:43 AM GMT
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने बिटकॉइन एटीएम की स्थापना करने पर आपराधिक मामले को खारिज किया
x

कर्नाटक हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 में बेंगलुरु में एक बिटकॉइन एटीएम स्थापित पर Unocoin कंपनी के संस्थापकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को खारिज कर दिया है।

न्यायमूर्ति एच. पी. संधेश की एकल-न्यायाधीश पीठ ने 23 अक्टूबर, 2018 को साइबर अपराध पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए बी वी हरीश और सात्विक विश्वनाथ के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया।

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 6 अप्रैल, 2018 को जारी किए गए परिपत्र के आधार पर पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया था। उक्त परिपत्र द्वारा आरबीआई ने बैंकों और NBFC जैसे विनियमित संस्थाओं पर वर्चुअल करेंसी से निपटने और क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग करने के लिए सेवाएं प्रदान करने से रोक लगा दी थी।

एडवोकेट जयदीप रेड्डी और एडवोकेट सिरिल प्रसाद अभियुक्त के लिए पेश हुए और उन्होंने इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया बनाम भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (2020) 10C 274 274 के मामले का उल्लेख किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल करेंसी पर बैन लगाने संबंधी आरबीआई के सर्कुलर पर रोक लगा दी थी। इस प्रस्तुति पर सरकारी वकील ने भी सहमत जताई।

इसके बाद अदालत ने कहा,

"इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मामले में माननीय शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित सिद्धांतों को देखते हुए संदर्भित (सुप्रीम कोर्ट) जिसमें माननीय शीर्ष अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 6 अप्रैल, 2018 को परिपत्र भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किए जाने के लिए ज़िम्मेदार है।

इस मामले में 6 अप्रैल, 2018 को परिपत्र के आधार पर याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक के इस परिपत्र को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया। इस प्रकार याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।"

तदनुसार, कोर्ट ने आदेश दिया,

"रिट याचिका की अनुमति है। इन याचिकाकर्ताओं के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर और आरोप पत्र को रद्द किया जाता है। इसके बाद याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही पर भी रोक लगा दी गई।"

केस का शीर्षक: बी वी हरीश और कर्नाटक राज्य।

केस नंबर: रिट याचिका संख्या 18910/2019

आदेश की तिथि: 8 फरवरी, 2021।

कोरम: जस्टिस एच. पी. संधेश।

सूरत: याचिकाकर्ता के लिए एडवोकेट जयदीप रेड्डी / डब्ल्यू एडवोकेट सिरिल प्रसाद पेस।

प्रतिवादी के लिए वकील नमिता महेश बी जी।

ऑर्डर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें




Next Story