बीजेपी नेता किरीट सोमैया की पत्नी ने शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 100 करोड़ रूपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया

  • बीजेपी नेता किरीट सोमैया की पत्नी ने शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में 100 करोड़ रूपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया ने शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ मानहानि के मुकदमे में बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में मेधा ने मानहानि के लिए 100 करोड़ रुपये का हर्जाना देने की मांग की है और साथ ही अदालत से उनके खिलाफ हानिकारक सामग्री के प्रकाशन पर स्थायी निषेधाज्ञा की भी मांग की है।

    सोमैया ने 100 करोड़ रुपये के हर्जाना को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने की मांग की है।

    राउत ने सोमैया पर मीरा-भयंदर इलाके में '100 करोड़ रुपये के शौचालय घोटाले' का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह मुकदमा दायर किया है। शिवसेना नेता ने आरोप लगाया कि मीरा-भयंदर नगर निगम द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में शौचालयों के निर्माण के लिए आवंटित धन का कथित तौर पर मेधा द्वारा अपने गैर-सरकारी संगठन, युवा प्रतिष्ठान के माध्यम से दुरुपयोग किया गया है।

    मेधा सोमैया टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), रायगढ़ से जुड़े रुइया कॉलेज में 20 से अधिक वर्षों से ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की प्रोफेसर हैं। मामले के अनुसार, मेधा गैर-सरकारी संगठन युवा प्रतिष्ठान भी चलाती हैं।

    सोमैया ने कहा कि राउत ने "बिना किसी सबूत के" आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपमानजनक बयान और टिप्पणियां करके उनकी प्रतिष्ठा को खराब करने की कोशिश की है, जो असत्य और निराधार हैं।

    "12 अप्रैल, 2022 को शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में राउत के आरोपों के संबंध में वादी ने कहा कि वर्तमान प्रतिवादी की कार्रवाई आवेदक/वादी और उसके परिवार के सदस्यों और संगठनों पर आरोप लगाकर कहीं अधिक दुर्भावनापूर्ण है। इस तरह के सभी झूठे सबूतों के साथ बड़े पैमाने पर जनता के मन में गलत धारणा बनाने का एकमात्र इरादा है।

    इसके अनुसरण में सोमैया ने 29 अप्रैल, 2022 को नोटिस भेजा और स्थानीय पुलिस स्टेशन को भी लिखा कि राउत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 503, 506 और 509 के तहत दंडनीय अपराध का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की जाए।

    वाद में कहा गया कि राउत ने "सच्चाई को दूसरी तरह से दिखाया है और वादी और उसके परिवार के सदस्यों की छवि खराब करके लाभ कमाया है। इसलिए, अंतरिम राहत आवश्यक है।" इसके लिए राउत को बयान दोहराने से रोकने के लिए अंतरिम राहत मांगी गई है।

    सोमैया ने आगे शिवसेना नेता से माफी की मांग की है। मुकदमा सोलोसिस लेक्स के वकील अमित मेहता के माध्यम से दायर किया गया है।

    किरीट सोमैया ने अपनी ओर से राउत द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर दावा किया कि यह योजना मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के सात नगर निकायों में शुरू की गई थी और उनकी पत्नी का एनजीओ 'युवा प्रतिष्ठान' सहयोग के लिए शामिल किए गए गैर-सरकारी संगठनों में से एक है। उन्होंने आगे दावा किया कि क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता के संबंध में मेधा की मदद मांगी गई थी।

    इससे पहले सोमैया ने राउत के खिलाफ सेवरी कोर्ट में मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था।

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले महीने 2013 में युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए एकत्र किए गए धन की धोखाधड़ी के मामले में किरीट सोमैया और उनके बेटे को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। शिकायत एक पूर्व सैनिक द्वारा दायर की गई थी जिसमें दावा किया गया था कि सोमैया ने धन एकत्र किया था। युद्धपोत को बचा लिया, लेकिन न तो उन धन को उनके सही उपयोग के लिए जमा किया गया और न ही उन्हें वापस किया गया।

    मानहानि के मुकदमे को ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा।

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