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'इस भयावह घटना ने हमें फिर से अराजकता के दिनों में पहुँचा दिया है': बीसीआई ने तेलंगाना में वकील दंपति की हत्या की निंदा की

LiveLaw News Network
19 Feb 2021 4:37 AM GMT
इस भयावह घटना ने हमें फिर से अराजकता के दिनों में पहुँचा दिया है: बीसीआई ने तेलंगाना में वकील दंपति की हत्या की निंदा की
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बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बुधवार दोपहर तेलंगाना में एक वकील दंपति की हत्या की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया है।

जारी बयान में काउंसिल ने कहा कि यह पेशे की स्वतंत्रता पर हमला है। यह बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। यहां तक ​​कि अधिवक्ताओं के लिए भी घातक साबित हो रहा है।

बयान में कहा गया कि दंपति की कथित असामयिक मौत की वजह हिरासत में सीलम रंगैया की हत्या के खिलाफ आवाज़ उठाना थी।

आगे कहा गया,

"यह नोट करने और चौंकाने वाला है कि मृतक ने पुलिस थाने में हिरासत में मौत के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की थी। इसके खिलाफ तेलंगाना में सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं ने उनकी हत्या कर दी। यह घटना हमें अराजकता, गुंडाराज और अधर्म के दिनों में वापस ले गई है।"

बीसीआई ने कहा कि व्यापक दृष्टि से अधिवक्ता गट्टू वामन राव और उनकी पत्नी पीवी नागमणि की नृशंस हत्या यह साबित करती हैं कि बार की स्वतंत्रता पर एक गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने कहा,

"वकीलों पर लगातार हो रहे हमलों ने यह साबित किया है कि अधिवक्ता देश में कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।"

इस प्रकार, परिषद ने केंद्र सरकार से देश के वकीलों को उचित सुरक्षा प्रदान करने और वकीलों की सुरक्षा के लिए कुछ कानून पारित करने की मांग की है।

काउंसिल ने कहा कि यह सही समय है जब केंद्र और राज्य सरकार को पूरी ईमानदारी के साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए, अन्यथा देश के अधिवक्ताओं को राष्ट्रव्यापी आंदोलन करना पड़ेगा।

परिषद ने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से घटना की स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायिक जांच के लिए एक आदेश पारित करने का आग्रह किया है।

बयान में कहा गया है,

"परिषद ने अपने प्रस्ताव में माननीय मुख्य न्यायाधीश हिमा कोहली को लिखने का फैसला किया है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि उपरोक्त कारणों से पुलिस द्वारा एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की कोई संभावना नहीं है।"

इसके अलावा, परिषद ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री को भी एक लिखित पत्र देकर आग्रह किया है कि वह आश्रित परिवार के सदस्य के लिए सरकारी नौकरी सहित संबंधित अधिवक्ताओं के परिवार के लिए कुछ सार्थक मदद और वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा करें।

अधिवक्ता गट्टू वामन राव और उनकी पत्नी पीवी नागमणि मंथनी में एक अदालत के मामले में भाग लेने के बाद हैदराबाद लौट रहे थे, जब उनके वाहन को रोक दिया गया और कुछ अज्ञात लोगों द्वारा उन्हें कई बार चाकू के वार से उनकी हत्या कर दी।

दंपति को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने गुरुवार दोपहर को दम तोड़ दिया।

बुधवार को तेलंगाना के बार काउंसिल ने पुलिस से घटना की जांच करने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। साथ ही सरकार से अधिवक्ता समुदाय की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम बनाने के लिए भी कहा था, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।

तेलंगाना हाईकोर्ट की जस्टिस हिमा कोहली और न्यायमूर्ति बी. विजयसेन रेड्डी की खंडपीठ ने गुरुवार को कथित घटना पर स्वत: संज्ञान लिया था।

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