NALSAR विवाद के बीच BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने लॉ स्टूडेंट्स से मांगी माफ़ी
Shahadat
15 Aug 2026 8:28 PM IST

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR के स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ जारी किए गए अपने निर्देशों की आलोचना के बाद लॉ स्टूडेंट्स से माफ़ी मांगी।
स्वतंत्रता दिवस पर जारी एक पत्र में मिश्रा ने खेद व्यक्त किया कि अगर इस विवाद से जुड़ी उनकी किसी बात या उनके द्वारा जारी किसी संदेश से लॉ स्टूडेंट्स की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका अफ़सोस है।
मिश्रा ने पत्र में कहा,
"अगर मौजूदा विवाद से जुड़ी किसी भी चीज़, मेरी किसी बात या पत्र से हमारे लॉ स्टूडेंट्स की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं इसके लिए ईमानदारी से खेद व्यक्त करता हूं और माफ़ी मांगता हूं।"
उन्होंने आगे कहा,
"ऐसा कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। खेद व्यक्त करना प्रतिष्ठा या अहंकार का मामला नहीं है। यह बस इस बात को स्वीकार करना है कि हमारे स्टूडेंट्स की भावनाएं और चिंताएं मायने रखती हैं।"
मिश्रा के पत्र में किसी यूनिवर्सिटी का नाम नहीं लिया गया और न ही उस विशिष्ट विवाद का सीधे तौर पर ज़िक्र किया गया।
यह पत्र तब आया, जब NALSAR और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु के स्टूडेंट्स ने BCI के उस कदम की आलोचना की थी, जिसमें NALSAR 2026 बैच के सभी स्टूडेंट्स का एनरोलमेंट रोकने का फ़ैसला किया गया।
यह फ़ैसला तब लिया गया, जब स्टूडेंट्स के एक वर्ग ने दीक्षांत समारोह में CJI की भागीदारी पर आपत्ति जताई। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद BCI चेयरमैन ने NALSAR स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई वापस ले ली थी, लेकिन BCI की शक्तियों से परे जाकर फ़ैसला लेने के तरीके को लेकर उनकी आलोचना होती रही। BCI चेयरमैन के पत्र की भाषा की भी आलोचना हुई, क्योंकि उन्होंने इस अभियान को "घिनौनी राजनीति" करार दिया।
NALSAR और NLSIU के स्टूडेंट्स और पूर्व छात्रों ने मिश्रा से बिना शर्त माफ़ी की मांग की। NLSIU के स्टूडेंट्स ने अपने दीक्षांत समारोह में मिश्रा की भागीदारी पर भी आपत्ति जताई।
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