अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद | फैजाबाद बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस न लड़ने का फ़ैसला किया

Shahadat

29 Jun 2026 7:27 PM IST

  • अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद | फैजाबाद बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस न लड़ने का फ़ैसला किया

    फैजाबाद/अयोध्या बार एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पास किया। इस प्रस्ताव में कहा गया कि एसोसिएशन का कोई भी सदस्य अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा।

    प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि अगर बार का कोई सदस्य फिर भी आरोपियों का केस लड़ना चाहता है तो उसे एक एप्लीकेशन देनी होगी और हर आरोपी के लिए एसोसिएशन के अकाउंट में ₹5 लाख का योगदान (सहयोग धनराशि) जमा करना होगा।

    प्रस्ताव पास करने के बाद मीडिया से बात करते हुए एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, एडवोकेट कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि कमेटी उसी पैसे का इस्तेमाल अभियोजन पक्ष (prosecution) की तरफ से केस लड़ने में करेगी।

    उन्होंने कहा,

    "सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को भी एक चिट्ठी लिखी जाएगी। अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट में लिस्टेड 2 याचिकाओं में CBI जांच का आदेश नहीं मिलता है तो अयोध्या बार एसोसिएशन CBI जांच की मांग के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट जाएगी। अगर वहां कोई राहत नहीं मिलती है तो वे सुप्रीम कोर्ट का भी रुख करेंगे। FIR दर्ज करने के लिए श्री चंपक राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा नाम के एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।"

    गौरतलब है कि यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट द्वारा उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करने के कुछ घंटों बाद पास किया गया, जिसमें अयोध्या में राम मंदिर के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले चंदे के कथित गबन की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने की मांग की गई।

    फिलहाल, मंदिर में चंदे और कीमती सामानों के कथित गबन की जांच की मांग करने वाली दो जनहित याचिकाएं (PIL) हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने लंबित हैं।

    बता दें, अब तक 8 आरोपियों [लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रामशंकर यादव उर्फ ​​टिन्नू, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला और करुणेश पांडे] पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए। 27 जून को उन्हें 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

    सोमवार को उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक उनसे कुल ₹79.85 लाख बरामद किए गए।

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