इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर के खिलाफ हड़ताल समाप्त की

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर के खिलाफ हड़ताल समाप्त की

    इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थानांतरण के खिलाफ जारी अपनी हड़ताल को निलंबित करने का निर्णय लिया है।

    एसोसिएशन द्वारा 29 मार्च को पारित एक प्रस्ताव के अनुसार, यह हड़ताल तब तक निलंबित रहेगी जब तक तीन-सदस्यीय जांच समिति जस्टिस वर्मा के खिलाफ अपनी जांच पूरी नहीं कर लेती।

    जस्टिस वर्मा विवाद के केंद्र में हैं, क्योंकि दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक आवास पर आग लगने की घटना के बाद जली हुई नकदी के बंडल पाए गए थे।

    एसोसिएशन ने यह भी फैसला किया है कि एडवोकेट जस्टिस वर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे।

    एसोसिएशन की बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए:

    • यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा जारी न्यायिक कार्य बहिष्कार को तब तक निलंबित रखा जाएगा जब तक जस्टिस यशवंत वर्मा पर जारी जांच की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती।
    • जांच रिपोर्ट के आने के बाद आगे के निर्णय लिए जाएंगे, और यह तय किया गया कि 1 अप्रैल 2025, मंगलवार से न्यायिक कार्य पूर्ववत रूप से बहाल कर दिया जाएगा।
    • विधिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वादकारियों और अधिवक्ताओं के लाभ हेतु 'फोटो आइडेंटिफिकेशन सेंटर' खोलने का प्रस्ताव पारित किया गया।
    • यह भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आंदोलन को गति देने और देशभर के हाईकोर्ट बार एसोसिएशनों का समर्थन प्राप्त करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के तत्वावधान में 26/27 अप्रैल 2025 को प्रयागराज में राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।

    सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ उनके आधिकारिक आवास पर अवैध नकदी मिलने के कथित मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली रिट याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

    CJI संजय खन्ना ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को निर्देश दिया है कि जस्टिस यशवंत वर्मा, जो अपने आधिकारिक आवास पर अवैध नकदी रखने के आरोपों को लेकर इन-हाउस जांच का सामना कर रहे हैं, को कोई न्यायिक कार्य आवंटित न किया जाए।

    जस्टिस वर्मा, जो मूल रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज थे, को 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया था।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story