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एक्टिविस्ट दिशा रवि टूलकिट मामले में इंडिया टुडे, टाइम नाउ, न्यूज 18 के द्वारा हिंसात्मक रिपोर्टिंग करने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुँची

LiveLaw News Network
18 Feb 2021 6:55 AM GMT
एक्टिविस्ट दिशा रवि टूलकिट मामले में इंडिया टुडे, टाइम नाउ, न्यूज 18 के द्वारा हिंसात्मक रिपोर्टिंग करने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुँची
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टूलकिट मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार और 5 दिन के लिए रिमांड पर भेजी गई 22 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दिल्ली पुलिस को उसके खिलाफ गई जांच को सेल, मीडिया सहित किसी भी तीसरे पक्ष को उसके द्वारा निजी चैट / संचार की कथित सामग्री सहित किसी भी जांच सामग्री को लीक करने से रोकने की मांग की।

रवि द्वारा दायर याचिका में सूचना और प्रसारण मंत्रालय को टाइम्स नाउ, इंडिया टुडे और न्यूज 18 के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है।

इसके अलावा याचिका में,

इस मामले में रिपोर्टिंग कर रहे अन्य सभी टीवी चैनल के खिलाफ भी यह कहते हुए कार्रवाई की मांग की गई है कि ये चैनल रवि की निजता और "एक निष्पक्ष जांच के लिए उसके अधिकार का घोर उल्लंघन है। साथ ही निर्दोषता के अनुमान के अधिकार का भी उल्लंघन करते है।"

रवि ने प्रस्तुत किया है कि समाचार चैनलों की ओर से अवैध कार्यों और चूक ने संविधान का अनुच्छेद 21 के तहत उनकी निजता के मौलिक अधिकार, प्रतिष्ठा के अधिकार, उनकी गरिमा और न्याय प्रशासन के परिणामी प्रभाव और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन किया है।

इसलिए उसने अदालत को उसके और तीसरे पक्षों के बीच किसी भी कथित निजी चैट (व्हाट्सएप चैट सहित) के अर्क सहित, ऐसी "गोपनीय" सामग्री को प्रकाशित करने से रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की है।

रवि ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उन्हें पूरी तरह से गैरकानूनी और बिना आधार के बेंगलुरु में "टूलकिट" एफआईआर के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और अपने संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के मामले में ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किए बिना रात भर की यात्रा के बाद नई दिल्ली लाया गया था।

वह गिरफ्तारी और चल रही जांच के दौरान हो रहे "मीडिया ट्रायल" पर गंभीर रूप से दुखी है, क्योंकि यह सब बहुत पक्षपातपूर्ण है।

वह शिकायत करती है कि "लीक हुए खोजी मामले और पूर्वाग्रही प्रेस ब्रीफिंग" के आधार पर न्यूज18, टाइम्स नाउ, इंडिया टुडे इत्यादि जैसे मीडियाघरों द्वारा उन पर स्पष्ट रूप से हमला किया जा रहा है।

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