Zubeen Garg Death | सुप्रीम कोर्ट ने असम से कहा: ट्रायल तेज़ी से आगे बढ़ाएं, महंता की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई टाली
Shahadat
18 Aug 2026 10:23 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त को असम सरकार को निर्देश दिया कि वह इवेंट ऑर्गनाइज़र श्याम कानू महंता के ख़िलाफ़ हत्या और धोखाधड़ी के मामले में ट्रायल को तेज़ी से आगे बढ़ाए। यह मामला सितंबर 2025 में सिंगापुर में एक यॉट ट्रिप के दौरान असमिया गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत से जुड़ा है।
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच महंता की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई कर रही थी, लेकिन असम सरकार की इस दलील को ध्यान में रखते हुए कि वे आने वाले हफ़्तों में अहम गवाहों से पूछताछ करेंगे, सुनवाई को अक्टूबर तक टाल दिया।
सुनवाई के दौरान, सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे (महंता की ओर से) ने कहा कि सरकार को अभी सिंगापुर में मौजूद 11 गवाहों से पूछताछ करनी है।
इसके जवाब में राज्य के एडवोकेट जनरल देवाजीत सैकिया ने कहा कि वे जल्द ही उन गवाहों से पूछताछ करेंगे। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि ट्रायल में तेज़ी लाई जानी चाहिए और सुनवाई टाल दी।
कोर्ट ने आदेश दिया:
"प्रतिवादी-राज्य की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल ने कहा कि मामले का ट्रायल रोज़ाना चल रहा है और अगले कुछ हफ़्तों में अहम गवाहों से पूछताछ की जा सकती है। इन हालात में याचिकाकर्ता के सीनियर वकील की दलीलें सुनने के बाद, इस मामले को 05.10.2026 को सूचीबद्ध किया जाए। यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि प्रतिवादी अभियोजन पक्ष को इस मामले को आगे बढ़ाने में तत्परता दिखानी चाहिए।"
यह अर्ज़ी गुवाहाटी हाईकोर्ट के 29 मई के उस आदेश को चुनौती देती है जिसमें महंता की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी गई।
महंता को 1 अक्टूबर 2025 को गिरफ़्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में हैं। चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 3(6), 3(7), 3(8), 61(2) (आपराधिक साज़िश), 103(1) (हत्या), 105 (गैर-इरादतन हत्या जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती), 238 (सबूत मिटाना), 308(2) (जबरन वसूली), 318(4) (धोखाधड़ी) और 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत आरोप लगाए गए।
Case Title: Shyamkanu Mahanta v. State of Assam|SLP (Crl.) 11523/2026


