विनेश फोगाट के एशियन गेम्स के सिलेक्श ट्रायल्स में हिस्सा लेने का मामला: हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

Shahadat

28 May 2026 8:39 PM IST

  • विनेश फोगाट के एशियन गेम्स के सिलेक्श ट्रायल्स में हिस्सा लेने का मामला: हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

    रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाज़त दी गई।

    जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी।

    22 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की इजाज़त दी जाए।

    ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) की सिलेक्शन पॉलिसी "स्पष्ट रूप से भेदभावपूर्ण" थी, क्योंकि यह WFI को फोगाट जैसी दिग्गज खिलाड़ियों पर विचार करने का कोई अधिकार नहीं देती, खासकर तब जब उन्होंने अपनी मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) के कारण खेल से कुछ समय के लिए ब्रेक लिया हो; हाईकोर्ट ने कहा कि किसी महिला को मैटरनिटी लीव लेने के कारण नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।

    कोर्ट ने आगे कहा कि सिलेक्शन ट्रायल्स से फोगाट को बाहर करना सीधे तौर पर उनकी मैटरनिटी लीव के कारण खेल गतिविधियों से लिए गए ब्रेक और अस्थायी दूरी से जुड़ा है। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि कानून को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मातृत्व फोगाट जैसी महिला एथलीटों को बाहर करने या उन्हें हाशिए पर धकेलने का आधार न बने।

    हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि सिलेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ट्रायल्स की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए और ये ट्रायल्स, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा नियुक्त स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की देखरेख में आयोजित किए जाएं।

    ये निर्देश चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज बेंच द्वारा पारित अंतरिम आदेश के खिलाफ फोगाट द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए जारी किए।

    बता दें, सिंगल जज ने फोगाट की लंबित रिट याचिका में अंतरिम राहत देने से इनकार किया था। इस याचिका में फोगाट ने WFI की सिलेक्शन पॉलिसी के साथ-साथ उनके खिलाफ जारी किए गए 'कारण बताओ नोटिस' (show-cause notice) को चुनौती दी थी।

    फोगाट ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए यह दलील दी थी कि उन्हें आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए सिलेक्शन प्रक्रिया में हिस्सा लेने की इजाज़त दी जानी चाहिए। डिवीजन बेंच ने अंतरिम राहत देते हुए ट्रायल्स की वीडियो रिकॉर्डिंग और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की देखरेख जैसे सुरक्षा उपाय भी लागू किए।

    Case: Wrestling Federation of India v. Vinesh Phogat | SLP (c) 19503/2026

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