WB SIR: पहली सूची में नाम होने से हटाए गए मतदाताओं को अंतरिम राहत नहीं—सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

7 April 2026 8:27 PM IST

  • WB SIR: पहली सूची में नाम होने से हटाए गए मतदाताओं को अंतरिम राहत नहीं—सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने आज पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची संशोधन (SIR) से जुड़े मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम सत्यापन में हटाया गया है और जिनकी अपील लंबित है, उन्हें केवल इस आधार पर फिलहाल मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकता कि उनका नाम पहले (2002 की सूची में) मौजूद था।

    कोर्ट की मुख्य टिप्पणी

    जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा:

    “जो लोग प्रभावित हैं, वे अपील कर सकते हैं। अपीलीय प्राधिकरण उचित प्रक्रिया अपनाएंगे और अंतिम आदेश देंगे। इसमें समय लग सकता है—एक महीना या 60 दिन भी। लेकिन केवल इस आधार पर कि वे पहले सूची में थे, उन्हें अभी शामिल नहीं किया जा सकता।”

    मामला क्या है?

    चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

    28 फरवरी को जारी अंतिम सूची में लगभग 63 लाख नाम हटाए गए

    करीब 60 लाख मामलों पर अभी भी विचार चल रहा है

    अपील प्रक्रिया और दलीलें

    सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान ने राज्य सरकार की ओर से बताया कि:

    60 लाख मामलों में से 44 लाख का डेटा उपलब्ध है

    लगभग 55% (24 लाख) लोगों को शामिल किया गया

    करीब 45% (20 लाख) को बाहर किया गया

    उन्होंने कहा कि 20 लाख हटाए गए मतदाताओं में से 7 लाख ने अपील दायर कर दी है और कई अपीलें अभी दायर होनी बाकी हैं।

    दीवान ने सुझाव दिया कि:

    अपीलीय ट्रिब्यूनल 15 अप्रैल 2026 तक सभी अपीलों का निपटारा करें

    अगर कुछ अपीलें लंबित रह जाएं, तो ऐसे मतदाताओं को अस्थायी रूप से सूची में शामिल किया जाए

    सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने भी इस मांग का समर्थन किया और कहा कि ट्रिब्यूनल को अंतरिम आदेश देने का अधिकार होना चाहिए।

    कोर्ट का रुख

    हालांकि, जस्टिस बागची ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि:

    प्रारंभिक सत्यापन न्यायिक अधिकारियों द्वारा पहले ही किया जा चुका है

    अब प्रक्रिया को एक समय पर रोकना जरूरी है

    जिन लोगों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उन्हें पूरक सूची में शामिल किया जाएगा

    अपीलीय ट्रिब्यूनल अपनी प्रक्रिया जारी रखेंगे

    अंत में, कोर्ट ने इस मुद्दे पर कोई निर्देश देने से इनकार कर दिया। CJI ने कहा:

    “हम इस मुद्दे पर कुछ नहीं कह रहे हैं। ट्रिब्यूनल अपनी प्रक्रिया खुद तय करें।”

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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