BREAKING| Twisha Sharma Death : CBI करेगी जांच, सुप्रीम कोर्ट का मीडिया से बयान न छापने का अनुरोध
Shahadat
25 May 2026 12:16 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश राज्य से पूछा कि क्या त्विशा शर्मा दहेज हत्या मामले की जांच CBI को सौंपी जा सकती है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि CBI जांच अपने हाथ में लेगी। वह यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रशासनिक कदम आज ही उठा लिए जाएं।
कोर्ट ने मीडिया से भी अपील की कि वे पीड़ितों और आरोपियों के बयान छापने में संयम बरतें।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने कहा,
"कुछ कार्रवाइयों से हमें थोड़ी पीड़ा हुई। हम अपने मीडिया मित्रों से अनुरोध करेंगे कि वे पीड़ितों के परिवार या दूसरे परिवार के बयान न लें। चीज़ों को कानून और प्रक्रिया के अनुसार चलने दें।"
CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ त्विशा शर्मा की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान (suo motu) से लिए गए मामले पर विचार कर रही थी, जिसका शीर्षक था: 'In Re: Alleged Institutional Bias and Procedural Discrepancies in the Unnatural Death of Young Woman at Matrimonial Home' (विवाह के बाद के घर में एक युवती की अप्राकृतिक मौत में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक विसंगतियां)।
पीठ ने टिप्पणी की कि उसने यह स्वतः संज्ञान मामला इस पृष्ठभूमि में शुरू किया था कि जांच में संस्थागत पूर्वाग्रह था, क्योंकि पीड़िता का पति एक वकील है और उसकी सास पूर्व जज हैं।
अपने आदेश में कोर्ट ने मीडिया से अनुरोध किया कि वे संभावित गवाहों या आरोपियों के बयान छापने से बचें, क्योंकि इससे उन मुद्दों पर पहले से ही कोई राय बन सकती है, जिनकी अभी जांच होनी बाकी है। कोर्ट ने जनता से भी अनुरोध किया कि वे अटकलों से बचें और देश की इस प्रमुख एजेंसी द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा रखें।
कोर्ट ने पीड़ितों के परिवार पर भी ज़ोर दिया कि वे प्रेस को बयान देने के बजाय, उन्हें जांच एजेंसी के पास दर्ज करवाएं।
Case: In Re: Alleged Institutional Bias and Procedural Discrepancies in the Unnatural Death of Young Woman at Matrimonial Home | SMW(Crl) 4/2026

