लखनऊ ज़िला कोर्ट में ज़मीन हड़पने का मामला: सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारी पर लगाया मारपीट का आरोप

Shahadat

21 July 2026 7:26 PM IST

  • लखनऊ ज़िला कोर्ट में ज़मीन हड़पने का मामला: सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारी पर लगाया मारपीट का आरोप

    सुप्रीम कोर्ट की वकील ने आज अदालत में आरोप लगाया कि लखनऊ ज़िला अदालत में ज़मीन हड़पने के मामले के सिलसिले में बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने उनके और उनके क्लाइंट के साथ मारपीट की।

    जब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की बेंच दिन की कार्यवाही खत्म कर उठने ही वाली थी, तब वकील ऑनलाइन पेश हुईं और कहा,

    "एक बहुत ज़रूरी मामला है... मैं सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली वकील हूँ... मैं लखनऊ ज़िला कोर्ट में एक सुनवाई के लिए गई थी। प्रतिवादी बार एसोसिएशन का पदाधिकारी है। वह हमें मामले में पेश नहीं होने दे रहा है। उसने हमारे साथ मारपीट की है। हमारा क्लाइंट अभी भी यहाँ बार एसोसिएशन के दफ़्तर में बंधक बना हुआ है।"

    उन्होंने आगे कहा,

    "मैं आपसे इस मामले पर ध्यान देने का अनुरोध करती हूँ। वह पूरे ज़िला कोर्ट में न्याय प्रक्रिया में दखल दे रहा है! हम अदालत के अंदर नहीं जा पा रहे हैं। उसने हमारे साथ मारपीट की है। उसने हमें पीटा है। और अब हमें भागकर हाईकोर्ट आना पड़ा। ज़िला अदालत के अंदर जाना नामुमकिन है। यह हमारे लिए जोखिम भरा है। उसके [पदाधिकारी] पास बंदूक है!"

    उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने भी उठाया गया, लेकिन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा,

    "अगर यह इतना ज़रूरी है, तो आपको सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए।"

    शिकायत सुनने के बाद CJI ने टिप्पणी की,

    "यह बहुत गंभीर मामला है, लेकिन समस्या यह है कि अदालत में बैठे-बैठे अभी कैसे दखल दिया जाए?"

    CJI ने वकील से संबंधित प्रशासनिक जज (जस्टिस राजन रॉय) से अपॉइंटमेंट लेने को कहा।

    उन्होंने कहा,

    "मुझे अपने चैंबर में जाने दें और उनसे इस बारे में बात करने दें। मैं उन्हें तुरंत संदेश पहुँचा दूँगा।"

    जाने से पहले वकील ने अपने क्लाइंट को "बंधक बनाए जाने से छुड़ाने" में मदद का अनुरोध किया और बताया कि यह घटना वकीलों द्वारा ज़मीन हड़पने के एक मामले से जुड़ी है।

    CJI ने जवाब दिया,

    "जब आप वापस आएंगी और यहां याचिका दायर करेंगी, तब हम कुछ करेंगे... [इस बीच] आप जाकर जस्टिस रॉय से मिलें..."

    साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि लखनऊ में वकीलों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होने दिया जाएगा।

    अदालत का ध्यान देने के लिए धन्यवाद करते हुए वकील ने संकेत दिया कि वह कल संबंधित याचिका के साथ अदालत में आएंगी।

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