UCC संविधानिक लक्ष्य, धर्म से कोई संबंध नहीं: सीजेआई सूर्यकांत
Praveen Mishra
17 April 2026 11:45 AM IST

मुस्लिम महिलाओं के विरासत अधिकार से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) एक संविधानिक लक्ष्य है और इसका धर्म से कोई संबंध नहीं है।
यह टिप्पणी उस समय आई जब याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि आदर्श रूप में सभी धर्मों के लिए एक समान सिविल कानून होना चाहिए, लेकिन मुस्लिम समुदाय में यह आशंका है कि यूसीसी के जरिए हिंदू कानून लागू किया जा सकता है।
इस मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ कर रही थी। याचिका अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल की गई है, जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ के विरासत संबंधी प्रावधानों को महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताया गया है। यह याचिका अधिवक्ता पौलोमी पावनी शुक्ला और 'न्याया नारी फाउंडेशन' द्वारा दायर की गई है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि “इसका जवाब संविधान में है” और सवाल उठाया कि समाज इसके लिए कितना तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में वैज्ञानिक, तार्किक और मानवतावादी सोच विकसित होनी चाहिए, जैसा कि मौलिक कर्तव्यों में उल्लेख है। इस पर प्रशांत भूषण ने कहा कि दुर्भाग्य से हम इसके विपरीत दिशा में जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले मार्च में भी सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि यूसीसी ही इसका समाधान है।

