टाइम्स ऑफ इंडिया की पूरी कॉपी उपलब्ध कराने की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका
Praveen Mishra
9 March 2026 4:12 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी, जिसमें केंद्र सरकार और टाइम्स ऑफ इंडिया को सभी अखबार खरीदारों को अखबार की पूरी प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता गौरी शंकर राठौर, जो स्वयं अदालत में पेश हुए थे, को सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया था कि टाइम्स ऑफ इंडिया को निर्देश दिया जाए कि वह सभी पाठकों को अखबार की पूरी प्रति, सभी सप्लीमेंट और सभी पेज उपलब्ध कराए। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि सप्लीमेंट या पन्नों की कम आपूर्ति कर पाठकों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है।
इसके अलावा याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि टाइम्स ऑफ इंडिया को 10 करोड़ रुपये जरूरतमंद पशु आश्रयों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को दान करने का निर्देश दिया जाए।
सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मेहता ने याचिकाकर्ता से पूछा कि टाइम्स ऑफ इंडिया के खिलाफ रिट याचिका कैसे दायर की जा सकती है, क्योंकि यह कोई सरकारी संस्था नहीं है। उन्होंने कहा, “अनुच्छेद 12 के तहत टाइम्स ऑफ इंडिया राज्य नहीं है, ऐसे में इसके खिलाफ रिट याचिका कैसे बनाए रखी जा सकती है?”
वहीं जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि यदि किसी पाठक को सप्लीमेंट नहीं मिल रहे हैं तो वह अपने हॉकर से सभी सप्लीमेंट और संडे मैगजीन देने के लिए कह सकता है, इसके लिए अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट आने की जरूरत नहीं है।
इसके बाद पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।

