कुत्ते को टहलाने के लिए त्यागराज स्टेडियम खाली करवाने वाले IAS अधिकारी की बहाली पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
Shahadat
10 Sept 2026 8:39 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में IAS अधिकारी रिंकू ढुग्गा की बहाली पर रोक लगाई। सरकार ने उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दे दिया था, क्योंकि उन पर और उनके पति (जो खुद भी IAS अधिकारी हैं) पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को खाली करवाया ताकि वह अपने कुत्ते को टहला सकें।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया। यह नोटिस केंद्र सरकार की उस याचिका पर जारी किया गया, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसने अधिकारी का अनिवार्य रिटायरमेंट रद्द कर दिया।
कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश भी पारित किया, जिसमें कहा गया:
"इस बीच, संबंधित अधिकारी की बहाली पर रोक बनी रहेगी।"
ढुग्गा ने अनिवार्य रिटायरमेंट के फैसले को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में चुनौती दी थी, जिसने उन्हें बहाल करने का आदेश दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल को इस आदेश को बरकरार रखा था।
हाईकोर्ट ने माना कि कुत्ते से जुड़े विवाद (जिसके लिए उन्हें अनुशासनात्मक कार्यवाही में मामूली सजा दी गई) के अलावा, उन पर बिना इजाज़त अनुपस्थित रहने का भी आरोप है। इन्हीं दोनों वजहों से उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दिया गया था।
हालांकि, कोर्ट ने पाया कि यह फैसला सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि रिटायरमेंट की सिफारिश करने वाली रिव्यू कमेटी ने सभी पहलुओं पर विचार नहीं किया। जैसे कि अधिकारी को उनकी APAR (वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट) में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं मिली, पिछले सालों में उनकी ग्रेडिंग उत्कृष्ट थी, और उन्हें प्रमोशन के लिए भी विचाराधीन रखा गया।
कोर्ट ने कहा कि अनिवार्य रिटायरमेंट का फैसला 'डेडवुड' (यानी बेकार या अक्षम कर्मचारियों) को हटाने के लिए होता है, जो उनके मामले में लागू नहीं होता।
इसके खिलाफ केंद्र सरकार ने अपील की।
अब इस मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
Case Details: Union of India v RINKU DHUGGA| SLP (c) No. 25799/2026


