सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना और लेबर कोर्ट के बिना दावे वाली रकम के लिए डैशबोर्ड बनाने पर 5 हाई कोर्ट से रिपोर्ट मांगी

Shahadat

28 July 2026 9:12 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना और लेबर कोर्ट के बिना दावे वाली रकम के लिए डैशबोर्ड बनाने पर 5 हाई कोर्ट से रिपोर्ट मांगी

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, इलाहाबाद, मद्रास, मेघालय और तेलंगाना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया कि वह मोटर क्लेम या लेबर कोर्ट के मुआवज़े के तौर पर जमा रकम के बारे में लाइव अपडेट दिखाने वाले डैशबोर्ड बनाने के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें।

    बता दें, अप्रैल 2025 में जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच ने कई निर्देश जारी किए। यह कदम तब उठाया गया, जब रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज बीबी पाठक ने कोर्ट को पत्र लिखकर चिंता जताई थी कि कोर्ट के पास मुआवज़े की भारी रकम बिना दावे के पड़ी है।

    कोर्ट ने निर्देश दिया कि मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 या वर्कमैन कम्पनसेशन एक्ट, 1923 के तहत दावेदारों को दिया जाने वाला मुआवज़ा सीधे उनके बैंक अकाउंट में जमा किया जाए। निर्देशों में से एक यह था कि हाईकोर्ट, राज्य सरकारों की मदद से, एक डैशबोर्ड बनाएंगे जिस पर मुआवज़े के तौर पर जमा रकम की जानकारी होगी और उसे नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा।

    सुनवाई में एमिक्स क्यूरी सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी अरोड़ा की ओर से एडवोकेट विशाखा ने चिंता जताई कि कुछ हाई कोर्ट ने अभी तक इस निर्देश को लागू नहीं किया। अन्य निर्देशों के बारे में उन्होंने जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच को बताया कि उन्हें लागू कर दिया गया।

    जस्टिस भुयान ने अलग-अलग हाईकोर्ट के वकीलों से पूछा कि डैशबोर्ड क्यों नहीं बनाया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के वकील ने बताया कि वे कुछ बैंकों के साथ बातचीत कर रहे हैं और इसे लागू करने के लिए उन्हें इस साल तक का समय चाहिए। शुरू में, उन्होंने आठ हफ़्ते का समय मांगा, लेकिन कहा कि उन्हें निर्देश मिले हैं कि निर्देशों को लागू करने के लिए साल का अंत सही रहेगा।

    इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जस्टिस भुयान ने सवाल किया कि जब 15 महीने से ज़्यादा का समय बीत चुका है तो इतना समय क्यों चाहिए।

    उन्होंने कहा:

    "साल का अंत? हमें रजिस्ट्रार जनरल को बुलाना होगा। रजिस्ट्रार जनरल को मौजूद रहने दें। ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं। जिस दिन हम सख्ती बरतना शुरू करेंगे, [इसका पालन किया जाएगा]।"

    अदालत ने आदेश दिया:

    "हमने एमिक्स क्यूरी की ओर से पेश हुईं विशाखा और सीनियर वकील मीनाक्षी अरोड़ा की दलीलें सुनीं। 21.4.2026 को हमने निम्नलिखित आदेश पारित किया था। एमिक्स क्यूरी ने एक नोट पेश किया; उसका पैराग्राफ 4 महत्वपूर्ण है और उसे यहां उद्धृत किया गया। हम दिल्ली हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट, मद्रास हाईकोर्ट, मेघालय हाईकोर्ट और तेलंगाना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरलों को निर्देश देते हैं कि वे ऊपर बताए गए निर्देश 'j' के अनुसार आज से छह सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) जमा करें। ऊपर बताए गए पाँचों हाईकोर्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले स्थायी वकील अगली सुनवाई में निश्चित रूप से उपस्थित रहें। मामले को 16.9.2026 को सूचीबद्ध करें।"

    Case Details: IN RE COMPENSATION AMOUNTS DEPOSITED WITH MOTOR ACCIDENT CLAIMS TRIBUNALS AND LABOUR COURTS |SMW(C) No. 7/2024

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