सुप्रीम कोर्ट ने SCBA की याचिका पर BCI से राय मांगी, वकालतनामों पर एडवोकेट्स वेलफेयर स्टैम्प का विशेष लाभ सिर्फ SC वकीलों को मिले
Shahadat
20 April 2026 8:32 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल वकालतनामों पर वेलफेयर स्टैम्प से जमा हुई रकम को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के तहत आने वाले एडवोकेट्स वेलफेयर ट्रस्ट में ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए।
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच SCBA की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए एक विशेष वेलफेयर फंड बनाने की मांग की गई। याचिका में मांग की गई कि वेलफेयर स्टैम्प से होने वाली कमाई को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के लिए बने एक विशेष वेलफेयर फंड में जमा किया जाए।
सुनवाई के दौरान, BCI की ओर से पेश वकील राधिका गौतम ने हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ़्ते का समय मांगा।
SCBA के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने दलील दी कि फिलहाल वेलफेयर स्टैम्प से जमा हुई रकम बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के पास जाती है। उन्होंने तर्क दिया कि जहां तक सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का सवाल है, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली की इसमें कोई भूमिका नहीं है, और जब तक याचिका पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक इस रकम को सुप्रीम कोर्ट के ही किसी खाते में रखा जाना चाहिए।
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के वकील ने साफ किया कि यह रकम बार काउंसिल के पास नहीं, बल्कि एक ट्रस्ट के पास है।
कोर्ट ने BCI के वकील से सिंह की दलील पर निर्देश लेने को कहा।
जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी की कि रकम बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के पास जाने की एक वजह यह है कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में स्थित है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में होने वाली फाइलिंग सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत ही नियंत्रित होती है।
इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षकारों के वकीलों को इस दलील पर निर्देश लेने का आदेश दिया कि वकीलों के वेलफेयर फंड के लिए तय की गई रकम को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के तहत आने वाले एडवोकेट्स वेलफेयर ट्रस्ट में ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए।
Case Title – Supreme Court Bar Association v. Supreme Court of India

