ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में खरीदारों के दावे न सुलझाने पर सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

2 April 2026 1:06 PM IST

  • ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में खरीदारों के दावे न सुलझाने पर सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह निर्णय जमानत की शर्तों के उल्लंघन और फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों के मद्देनज़र लिया।

    जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने पाया कि भसीन ने न केवल फ्लैट खरीदारों के दावों के निपटारे की शर्त का पालन नहीं किया, बल्कि जमानत के लिए निर्धारित ₹50 करोड़ की राशि भी अपने व्यक्तिगत खाते से जमा करने के बजाय अपनी कंपनी Bhasin Infotech and Infrastructure Private Limited (BIIPL) के फंड से ली।

    अदालत ने इस आचरण को गंभीर मानते हुए ₹50 करोड़ की पूरी राशि को जब्त करने का आदेश दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस राशि में से ₹5 करोड़ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) को दिए जाएं, जबकि शेष राशि को दिवाला प्रक्रिया (IBC) में उपयोग किया जाए।

    मामला 'ग्रैंड वेनिस' प्रोजेक्ट (NCR) से जुड़ा है, जिसमें भसीन पर आरोप है कि उन्होंने फ्लैट खरीदारों को आवासीय इकाइयों का कब्जा नहीं दिया, उनके धन का दुरुपयोग किया और जमीन आवंटन में अनियमितताएं कीं। इस संबंध में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लगभग 63 FIR दर्ज हैं।

    सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पाया कि कंपनी के फंड का उपयोग जमानत राशि जमा करने के लिए किया गया, जो कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 185 के प्रावधानों का उल्लंघन है, क्योंकि इसके लिए कोई वैध बोर्ड प्रस्ताव पारित नहीं किया गया था।

    अदालत ने यह भी कहा कि भसीन द्वारा फ्लैट खरीदारों के साथ समझौते केवल कागजों तक सीमित रहे और अधिकांश खरीदारों को न तो कब्जा मिला और न ही धनवापसी। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि परियोजना ऐसी स्थिति में नहीं है कि उसमें आवंटियों को कब्जा दिया जा सके।

    इसके अतिरिक्त, अदालत ने भसीन पर 12 महीने तक नई जमानत याचिका दायर करने पर रोक लगा दी है और निर्देश दिया है कि उनका पासपोर्ट बिना अदालत की अनुमति के जारी नहीं किया जाएगा।

    इस फैसले के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जमानत की शर्तों का उल्लंघन और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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