सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा डीएम मामले में आदेश में संशोधन किया, कहा- रोक सिर्फ़ हाईकोर्ट की सख्ती और मुआवजे के निर्देश पर
Shahadat
24 Sept 2026 3:40 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने गौतम बौद्ध नगर जिला (नोएडा) मजिस्ट्रेट मेधा रूपम की याचिका में पारित अपने अंतरिम आदेश को संशोधित किया, जिसमें निर्दिष्ट किया गया है कि रोक केवल अधिकारी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रतिकूल टिप्पणियों और स्टूडेंट आकृति चौधरी को मुआवजा देने के निर्देश पर है, जो नोएडा श्रमिकों के विरोध के संबंध में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत थी।
दूसरे शब्दों में, चौधरी की हिरासत रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई।
बुधवार को अपलोड किए गए आदेश के अनुसार, पूरे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई थी, क्योंकि इसमें कहा गया था: "जब तक मामले की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर नहीं हो जाती, तब तक लागू फैसले, विशेष रूप से पैरा संख्या 27 से 33 पर रोक रहेगी।"
संशोधित आदेश में, जिसे बाद में अपलोड किया गया, यह निर्दिष्ट किया गया,
"जब तक मामले की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर नहीं हो जाती, तब तक याचिकाकर्ता के खिलाफ जुर्माना और सख्ती के अवार्ड सहित आक्षेपित निर्णय के पैरा संख्या 27 से 33 के संचालन पर रोक रहेगी।"
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मेधा रूपम और उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई की।
हाईकोर्ट के फैसले के पैराग्राफ 27-33 में डीएम के खिलाफ सख्ती और छात्र को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश शामिल था, जिसे मेधा रूपम के वेतन से वसूला जाना था।
Case Details: MEDHA ROOPAM v AKRITI CHAUDHARY AND ORS|Diary No. 56202-2026 |

