सुप्रीम कोर्ट ने AIBE, CLAT एग्जाम के लिए कम देखने वाले कैंडिडेट को 10+2 से ज़्यादा क्वालिफिकेशन वाले स्क्राइब रखने की इजाज़त दी
Shahadat
13 Feb 2026 11:00 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने AIBE और CLAT एग्जाम में बैठने वाले कम देखने वाले कैंडिडेट को 10+2 से ज़्यादा क्वालिफिकेशन वाले स्क्राइब रखने की इजाज़त दी, बशर्ते ऐसे स्क्राइब लॉ ग्रेजुएट न हों।
याचिकाकर्ता के सुझावों को मानते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ को निर्देश दिया कि वे सुझावों को जल्द से जल्द लागू करें, और अगली एग्जाम होने से काफी पहले उन्हें फॉर्मल तौर पर नोटिफाई करें।
याचिकाकर्ता के सुझाव मंजूर करते हुए कोर्ट ने कहा,
“जिन दिव्यांग उम्मीदवारों को देखने में दिक्कत है और जो ऑल इंडिया बार एग्जाम दे रहे हैं, उन्हें एक ऐसे स्क्राइब की मदद लेने का हक है, जो अंडरग्रेजुएट हो और लॉ या कोई दूसरा ह्यूमैनिटीज कोर्स न कर रहा हो। इसका मतलब यह होगा कि उम्मीदवारों पर 10+2 से ज़्यादा की पढ़ाई वाले स्क्राइब का इस्तेमाल करने पर कोई रोक नहीं है।”
अब तक स्क्राइब की सुविधा सिर्फ़ 10+2 क्वालिफिकेशन तक ही सीमित थी। इसलिए याचिकाकर्ता ने इन एग्जाम के लिए उम्मीदवारों को स्क्राइब देने के बारे में पहले के पॉलिसी सर्कुलर पर फिर से विचार करने का सुझाव दिया।
यह देखते हुए कि दिए गए सुझाव मिनिस्ट्री ऑफ़ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक हैं ताकि दिव्यांग उम्मीदवार ऑल इंडिया बार एग्जाम के साथ-साथ कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट में भी असरदार तरीके से शामिल हो सकें, कोर्ट ने पाया कि “याचिकाकर्ता की ओर से दिए गए इन सुझावों से अलग राय लेने का कोई कारण नहीं है।”
कोर्ट ने रेस्पोंडेंट्स को दो हफ़्ते के अंदर एक कम्प्लायंस एफिडेविट पेश करने का निर्देश दिया।
यह मामला अगली बार 20 मार्च, 2026 को लिस्ट किया गया।
Cause Title: YASH DODANI & ORS. VERSUS UNION OF INDIA & ORS.

