सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद एचसी में पश्चिमी यूपी से संबंधित लंबित मामलों की हाइब्रिड मोड से स्थायी सुनवाई की मांग वाली याचिका दायर
Shahadat
26 July 2022 3:24 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट में पश्चिमी यूपी से संबंधित लंबित मामलों की हाईब्रिड मोड माध्यम से स्थायी सुनवाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।
एडवोकेट अनस चौधरी द्वारा दायर रिट याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट में हाइब्रिड मोड के माध्यम से मामलों की सुनवाई के लिए पश्चिमी यूपी के जिला और सत्र न्यायालय में समर्पित फाइलिंग काउंटर और वर्चुअल सुनवाई स्थापित करने की भी मांग की गई।
याचिका में तर्क दिया गया कि पश्चिमी यूपी में स्थायी पीठ की अनुपस्थिति क्षेत्र के लोगों को न्याय की पहुंच से वंचित कर रही है और वकीलों और वादियों दोनों को 700 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करना मुश्किल लगता है।
याचिका में कहा गया,
"उत्तर प्रदेश भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक है, जिसकी आबादी लगभग 20.42 करोड़ है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड से पता चलता है कि लगभग 10,26,714 (दस लाख छब्बीस हजार सात सौ चौदह) मामले माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित हैं। राज्य की राजधानी लखनऊ में इसकी बेंच है। इलाहाबाद में अपने स्वयं के हाईकोर्ट की तुलना में सात हाईकोर्ट पश्चिमी यूपी के करीब हैं, इनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली सहित सात राज्यों के हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट की तुलना में पश्चिमी यूपी के करीब हैं। मेरठ के नजदीक विभिन्न अन्य हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट की ज्यादा दूरी का होना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वादियों के साथ बड़ा अन्याय है।"
केस का नाम: अनस चौधरी बनाम यूओआई और अन्य

