धोखाधड़ी और मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन चुनावों के परिणामों पर रोक लगाई

Praveen Mishra

9 Jan 2026 5:48 PM IST

  • धोखाधड़ी और मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन चुनावों के परिणामों पर रोक लगाई

    सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के चुनाव परिणामों की घोषणा पर रोक लगा दी है। यह आदेश बीसीसीआई (BCCI) की उप-समिति के सदस्यों पर मतदाता सूची में हेरफेर और धोखाधड़ी के आरोपों के मद्देनज़र पारित किया गया।

    जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ ने 25 में से 19 क्रिकेट क्लबों द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि चुनाव तय तारीख पर हो सकते हैं, लेकिन अगले आदेश तक परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे।

    इससे पहले 27 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि JKCA के संविधान के अनुसार 12 सप्ताह के भीतर चुनाव कराए जाएँ। इस आदेश के अनुपालन में, अदालत द्वारा नियुक्त चुनाव अधिकारी ए.के. ज्योति की निगरानी में 16 जनवरी को चुनाव निर्धारित किए गए हैं।

    सुनवाई के दौरान क्या कहा गया

    याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने बताया कि क्लबों के बीच विवादों का निपटारा 2017 में हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त ओम्बुड्समैन ने किया था और कुछ सदस्यों को अवैध घोषित किया था। इसके बाद BCCI उप-समिति ने यह कहते हुए आदेश पारित किया कि हाईकोर्ट-नियुक्त ओम्बुड्समैन की आवश्यकता नहीं है और उन अवैध सदस्यों को हटाकर तैयार की गई मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराए जाएँ। इन सदस्यों ने ओम्बुड्समैन के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया।

    मीनाक्षी अरोड़ा ने आगे आरोप लगाया कि 12 नवंबर 2025 को BCCI उप-समिति ने चुनाव घोषित किए और 13 नवंबर को एक ऐसा आदेश जारी किया, जिसे कथित रूप से 19 मार्च 2025 को समिति-नियुक्त ओम्बुड्समैन द्वारा पारित बताया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 27 अक्टूबर के आदेश का उल्लेख था। उन्होंने कहा कि यह मार्च वाला आदेश एंटी-डेटेड प्रतीत होता है और बाद में उसे “सुधारने (rectify)” की कोशिश भी की गई।

    इन दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने नोटिस जारी किया और परिणामों की घोषणा पर रोक लगा दी।

    याचिका में मांगी गई प्रमुख राहतें

    याचिका में सुप्रीम कोर्ट से निम्नलिखित राहतें मांगी गई हैं—

    चुनाव अधिकारी ए.के. ज्योति को हटाया जाए, क्योंकि उन पर कर्तव्य निभाने में विफलता, स्वतंत्रता की कमी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों व JKCA संविधान की पवित्रता की रक्षा न करने के आरोप हैं;

    एक नया, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो 27 अक्टूबर के आदेश के अनुसार मतदाता सूची तैयार कर चुनाव कराए;

    JKCA के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को प्रशासक नियुक्त किया जाए, जिन्हें

    (i) BCCI उप-समिति से JKCA का दैनिक प्रशासन अपने हाथ में लेने, और

    (ii) नए चुनाव अधिकारी को मार्गदर्शन देने तथा आवश्यक होने पर बाध्यकारी निर्देश जारी करने के पूर्ण अधिकार हों।


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