'चुनाव से पहले राज्य सरकार को शर्मिंदा करने की कोशिश' : केरल में फ्लेक्स बोर्ड के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

Praveen Mishra

21 Feb 2026 12:56 AM IST

  • चुनाव से पहले राज्य सरकार को शर्मिंदा करने की कोशिश : केरल में फ्लेक्स बोर्ड के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल में पीवीसी फ्लेक्स बोर्ड के उपयोग को विनियमित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि यह याचिका “राजनीतिक लड़ाई” जैसी प्रतीत होती है और मांगी गई राहतें आगामी चुनावों से पहले राज्य सरकार को “असहज स्थिति में डालने” के उद्देश्य से हैं।

    चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने हालांकि याचिकाकर्ता को अन्य कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी, जिसमें फ्लेक्स बोर्ड से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट में लंबित कार्यवाही में हस्तक्षेप करना भी शामिल है।

    यह याचिका एनजीओ ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन द्वारा दायर की गई थी, जिसमें प्लास्टिक उत्पादों, विशेष रूप से पीवीसी फ्लेक्स बोर्ड से होने वाले प्रदूषण के मुद्दे को उठाते हुए हाईकोर्ट द्वारा याचिका सुनने से इनकार करने को चुनौती दी गई थी।

    याचिका के समय पर टिप्पणी करते हुए सीजेआई ने कहा, “केरल में चुनाव आने वाले हैं और आप राज्य सरकार को प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं। हम कितने राज्यों को इस तरह रोक सकते हैं? समस्या यह है कि लोग राजनीतिक लड़ाइयाँ भी इस अदालत में लड़ने लगते हैं। यहां मांगी गई राहतें राज्य सरकार को मुश्किल में डालने के लिए प्रतीत होती हैं।”

    याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अन्य राज्यों में पीवीसी फ्लेक्स बोर्ड के उपयोग के खिलाफ आदेश जारी किए गए हैं। इस पर जस्टिस बागची ने बताया कि हाईकोर्ट के समक्ष राज्य सरकार ने पहले ही आदेश जारी करने और उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया है। उन आदेशों की वैधता को फ्लेक्स बोर्ड निर्माताओं के संघ ने चुनौती दी है, जिस पर हाईकोर्ट की एक अन्य पीठ विचार कर रही है।

    सीजेआई ने आगे कहा, “आप लोग चुनाव प्रचार में बाधा उत्पन्न करना चाहते हैं।”

    अंततः सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट का रुख करने की स्वतंत्रता देते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।

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