सुप्रीम कोर्ट का अहम आदेश: नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपों की अब CBI करेगी जांच
Amir Ahmad
11 April 2026 12:45 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने संवेदनशील पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए नाबालिग बेटी के साथ कथित यौन शोषण के आरोपों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया।
यह मामला एक दंपत्ति के वैवाहिक विवाद से जुड़ा है, जिसमें पत्नी ने अपने पति के खिलाफ अपनी 11 वर्षीय बेटी के साथ यौन अपराध करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई। इससे पहले पति को बेटी की अभिरक्षा मिल चुकी थी।
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष और सही दिशा में होना आवश्यक है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा,
“हम चाहते हैं कि मां द्वारा दर्ज FIR की जांच कानून के अनुसार और सही दिशा में हो, इसलिए यह उचित होगा कि सीबीआई इस जांच को अपने हाथ में ले।”
अदालत ने CBI को निर्देश दिया कि वह एक विशेष समिति का गठन करे, जिसकी अध्यक्षता DIG स्तर के अधिकारी करें और उसमें प्रसिद्ध महिला मनोवैज्ञानिक को भी शामिल किया जाए। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी पक्ष के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए लेकिन दोनों पक्ष जांच में पूरा सहयोग करें।
अदालत ने यह भी कहा कि इस पारिवारिक विवाद के चलते नाबालिग बच्ची अनावश्यक रूप से परेशान हो रही है। इस मामले से जुड़े अन्य विवाद कर्नाटक हाईकोर्ट में भी लंबित हैं।
रिकॉर्ड के अनुसार, पति को पहले बेटी की कस्टडी दी गई, जबकि पत्नी को मिलने का अधिकार था। बाद में वर्ष 2024 में पत्नी ने पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया, जिसमें बाल संरक्षण और यौन अपराध से संबंधित गंभीर आरोप शामिल हैं।
मामले की जांच के दौरान बच्ची की मेडिकल जांच भी कराई गई, जिसकी रिपोर्ट अदालत के सामने रखी गई। अदालत ने कई बार दोनों पक्षकारों को आपसी समझौते का प्रयास करने की सलाह दी, ताकि बच्ची के हित सुरक्षित रह सकें।
बाद में अदालत ने पक्षकारों और बच्ची से बातचीत के बाद यह भी निर्देश दिया कि फिलहाल बच्ची मां के साथ रहेगी। साथ ही पति के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी गई।
यह फैसला न केवल मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अदालत बच्चों के हितों को सर्वोपरि मानती है।

