जोजरी नदी पर 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक, प्रदूषणकारी गतिविधियों पर 500 मीटर तक प्रतिबंध
Praveen Mishra
24 Aug 2026 3:03 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की जोजरी नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को और नुकसान से बचाने के लिए नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी निर्माण या विकास गतिविधि पर अंतरिम रोक लगा दी है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक वैज्ञानिक अध्ययन के जरिए नदी की हाई फ्लड लाइन और आवश्यक इकोलॉजिकल बफर जोन का निर्धारण और सीमांकन नहीं हो जाता।
कोर्ट ने अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के तौर पर निर्देश दिया कि जहां हाई फ्लड लाइन निर्धारित है, वहां उसके दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में प्रदूषण या नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी औद्योगिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। जहां हाई फ्लड लाइन निर्धारित नहीं है, वहां यह प्रतिबंध नदी के वर्तमान प्रवाह मार्ग के दोनों ओर 500 मीटर तक लागू होगा।
खंडपीठ ने जोजरी-बांडी-लूनी नदी तंत्र के संरक्षण के लिए गठित हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी और इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप की भूमिका पर भी विचार किया। कोर्ट ने दोनों निकायों की संरचना में ओवरलैप को देखते हुए उनकी भूमिकाओं को स्पष्ट और अलग करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप सरकारी विभागों के बीच समन्वय के लिए आंतरिक व्यवस्था के रूप में काम करेगा, जबकि कमेटी को दिए गए अधिकार जारी रहेंगे।
मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।


