वंदे मातरम् के छह छंदों को चुनौती का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस
Shahadat
27 Oct 2026 5:04 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के 28 जनवरी और 9 जुलाई, 2026 के आदेशों को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिसमें निर्दिष्ट अवसरों पर गायन और वादन के लिए 'वंदे मातरम' का छह छंद संस्करण निर्धारित किया गया।
एक याचिका अनुसूचित जाति के बौद्ध, अंबेडकरवादी कार्यकर्ता और अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ (BAMCEF) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बीडी बोरकर द्वारा दायर की गई।
दूसरी याचिका केरल के पूर्व IAS अधिकारी बालाकृष्णन सत्यभामा मावोजी द्वारा दायर की गई, जो अनुसूचित जाति समुदाय से हैं।
मामले की सुनवाई होते ही चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने केंद्र को नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से डॉ. जी मोहन गोपाल उपस्थित हुए।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि गीत के छह-छंद संस्करण को थोपना धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे का उल्लंघन है, याचिकाकर्ता का कहना है:
"भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में एक विशेष धर्म की विशेष देवी-देवताओं की सांप्रदायिक प्रार्थना को लागू करके विवादित आदेश भारत की राजनीति के चरित्र को 'धर्मनिरपेक्ष गणराज्य' से 'धर्मतंत्र' में बदल देते हैं।"
उनके अनुसार, इस तरह का अधिरोपण "याचिकाकर्ता के धर्म (बौद्ध धर्म) सहित अल्पसंख्यक धर्मों की धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं को आहत करके भारत में सांप्रदायिक विभाजन और संघर्ष को अपरिवर्तनीय रूप से गहरा कर देगा;" यह तर्क दिया गया कि यह कदम "भ्रातृत्व और धर्मनिरपेक्षता की मूलभूत संवैधानिक बुनियादी संरचना की विशेषताओं का मजाक है।"
Case Title : BHIMRAO DURYODHAN BORKAR Vs. UNION OF INDIA AND ANOTHER & BALAKRISHNAN SATHYABHAMA MAVOJI Vs. UNION OF INDIA AND ANOTHER

