अवैध कब्जे पर सख्त रुख: SAIL ग्रेच्युटी रोककर पेनल रेंट में कर सकता है एडजस्ट—सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

19 March 2026 1:11 PM IST

  • अवैध कब्जे पर सख्त रुख: SAIL ग्रेच्युटी रोककर पेनल रेंट में कर सकता है एडजस्ट—सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) अपने कर्मचारियों द्वारा रिटायरमेंट के बाद कंपनी के क्वार्टर खाली न करने की स्थिति में ग्रेच्युटी रोक सकता है और बकाया से दंडात्मक किराया (penal rent) समायोजित कर सकता है। अदालत ने इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट के विपरीत आदेशों को रद्द कर दिया।

    जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की पीठ ने SAIL की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि कंपनी के ग्रेच्युटी नियम, 1978 के तहत प्रबंधन को यह अधिकार है कि वह नियमों का पालन न होने पर ग्रेच्युटी रोके।

    क्या था मामला?

    यह विवाद बोकारो स्टील प्लांट के उन पूर्व कर्मचारियों से जुड़ा था, जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद भी कंपनी के स्टाफ क्वार्टर खाली नहीं किए।

    कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ग्रेच्युटी और उस पर ब्याज की मांग की थी। हाईकोर्ट ने राहत देते हुए ग्रेच्युटी देने और केवल सामान्य किराया वसूलने का निर्देश दिया था।

    इस पर SAIL ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि:

    यदि कर्मचारी निर्धारित समय के बाद भी क्वार्टर में रहता है, तो दंडात्मक किराया लगना स्वाभाविक है

    ऐसे मामलों में ग्रेच्युटी को रोकना और उससे बकाया समायोजित करना वैध है

    कर्मचारी बिना क्वार्टर खाली किए ग्रेच्युटी और उस पर ब्याज की मांग नहीं कर सकता

    कोर्ट ने कहा:

    “क्वार्टर खाली किए बिना ग्रेच्युटी पर ब्याज देना अवैध है और इससे अवैध कब्जे को बढ़ावा मिलेगा।”

    महत्वपूर्ण फैसला

    अदालत ने यह भी कहा कि:

    ग्रेच्युटी का भुगतान और क्वार्टर का खाली होना साथ-साथ (simultaneously) होना चाहिए

    कर्मचारी या उनके कानूनी वारिसों को 4 सप्ताह के भीतर क्वार्टर खाली करना होगा

    हालांकि कोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस मामले में दंडात्मक किराया ₹1,000 प्रति माह तय किया, ताकि कर्मचारियों पर अत्यधिक वित्तीय बोझ न पड़े।

    निष्कर्ष

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:

    कंपनी नियमों का उल्लंघन करने पर ग्रेच्युटी रोकना वैध है

    ऐसे मामलों में ब्याज देना अनिवार्य नहीं है

    अवैध कब्जे को प्रोत्साहित करने वाली राहत नहीं दी जा सकती

    इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि रिटायरमेंट के बाद कंपनी की संपत्ति पर कब्जा बनाए रखने की स्थिति में कर्मचारियों को वित्तीय लाभ नहीं मिल सकता।

    Next Story