सुप्रीम कोर्ट ने 8 सिंतबर से पहले कार्यकाल पूरा करने वाले सभी ट्रिब्यूनल अध्यक्षों/सदस्यों का टेन्योर बढ़ाया

Shahadat

19 May 2026 8:10 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने 8 सिंतबर से पहले कार्यकाल पूरा करने वाले सभी ट्रिब्यूनल अध्यक्षों/सदस्यों का टेन्योर बढ़ाया

    केंद्र सरकार की सहमति से सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को विभिन्न ट्रिब्यूनलों के उन अध्यक्षों और सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाया, जो 8 सितंबर, 2026 से पहले रिटायर होने वाले हैं। कोर्ट ने कहा कि इन अध्यक्षों/सदस्यों का कार्यकाल 8 सितंबर तक जारी रहेगा।

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने वकील के अनुरोध पर यह आदेश पारित किया। वकील ने कोर्ट को बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के एक न्यायिक सदस्य का कार्यकाल जून में खत्म होने वाला है।

    केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी द्वारा दी गई सहमति को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने उस न्यायिक सदस्य का कार्यकाल 8 सितंबर तक बढ़ा दिया। बार-बार मुकदमों से बचने के लिए कोर्ट ने इस आदेश का विस्तार उन सभी ट्रिब्यूनल अध्यक्षों और सदस्यों पर भी कर दिया, जिनका कार्यकाल 8 सितंबर से पहले खत्म होने वाला है।

    उल्लेखनीय है कि कोर्ट CAT बार एसोसिएशन, रेवेन्यू बार एसोसिएशन आदि द्वारा दायर याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रहा है। इन याचिकाओं में यह आशंका जताई गई कि मौजूदा सदस्यों के जल्द ही रिटायर होने के कारण कई ट्रिब्यूनल बेंच काम करना बंद कर देंगी।

    ट्रिब्यूनलों के संबंध में कानूनी शून्य (legal vacuum) की स्थिति बनी हुई, क्योंकि पिछले साल 'मद्रास बार एसोसिएशन' मामले में दिए गए फैसले ने 'ट्रिब्यूनल सुधार अधिनियम, 2021' रद्द कर दिया था।

    इस साल फरवरी में कोर्ट ने सरकार से 'मद्रास बार एसोसिएशन' मामले में दिए गए निर्देशों के अनुरूप एक ठोस प्रस्ताव लाने को कहा था। AG ने कोर्ट को बताया कि सरकार एक नए विधेयक पर काम कर रही है (जिसे संभवतः संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा), और एक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।

    मार्च में कोर्ट ने केंद्र सरकार को विभिन्न ट्रिब्यूनलों के उन अध्यक्षों और सदस्यों का कार्यकाल 8 सितंबर, 2026 तक बढ़ाने की अनुमति दे दी थी, जो जल्द ही रिटायर होने वाले थे।

    Case Title: REVENUE BAR ASSOCIATION v. UNION OF INDIA. SLP(C) No 11021-11022/2020 and connected cases.

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