एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में विनेश फोगाट के शामिल होने की इजाज़त देने वाले आदेश के खिलाफ WFI की याचिका खारिज
Shahadat
4 Jun 2026 11:44 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) की याचिका खारिज की, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें रेसलर विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाज़त दी गई थी। इस याचिका को यह देखते हुए खारिज किया गया कि सिलेक्शन ट्रायल पहले ही खत्म हो चुके हैं, इसलिए अब इस याचिका का कोई मतलब नहीं रह गया।
पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया और विनेश को 30 मई को होने वाले सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाज़त दी थी। इसके बाद उन्होंने सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लिया, लेकिन वह हार गईं।
जब आज (गुरुवार) इस मामले पर सुनवाई हुई तो जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने कोई टिप्पणी नहीं की और बस इस याचिका को बेमतलब बताकर खारिज किया। सीनियर एडवोकेट डी.एन. गोबुरधून (WFI की तरफ से) ने ज़ोर देकर कहा कि कोर्ट को दिल्ली हाईकोर्ट की उन टिप्पणियों पर रोक लगानी चाहिए, जिनमें कहा गया था कि WFI ने गलत इरादे से काम किया। कोर्ट ने शुरू में कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणियों का सिंगल जज के सामने लंबित मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन बाद में कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के निष्कर्षों को सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया नहीं है, और इन मुद्दों पर अभी भी विचार किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि 29 मई को जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने विनेश को 30 मई को होने वाले आगामी एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाज़त दी थी। लेकिन बेंच ने इस मामले को इसलिए लंबित रखा था, ताकि रेसलर को राहत देने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अपनाए गए तरीके पर विचार किया जा सके।
बेंच ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मातृत्व के मुद्दे पर कई पन्ने लिख डाले, जबकि असली मुद्दा इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के नियमों से जुड़ा था, क्योंकि फोगाट डोपिंग टेस्ट में शामिल नहीं हो पाई थीं।
बेंच ने बताया कि विनेश इस साल जनवरी में डोपिंग टेस्ट में शामिल नहीं हो पाई थीं और इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) को उन्होंने जो सफाई दी थी कि उन्हें हरियाणा में एक MLA के तौर पर विधानसभा सत्र में शामिल होना था, उसे संतोषजनक नहीं माना गया। हाईकोर्ट के आदेश पर अपनी आपत्तियां जताने के बावजूद, बेंच ने विनेश को दी गई इजाज़त रद्द नहीं की।
Case Detail: Wrestling Federation of India v. Vinesh Phogat | SLP (c) 19503/2026

