BREAKING | कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत बढ़ाने से किया इनकार
Shahadat
17 April 2026 1:55 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की उस अर्ज़ी को ठुकरा दिया, जिसमें उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा उन्हें दी गई ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को हटाने की मांग की थी। यह मामला असम पुलिस द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा के खिलाफ दर्ज जालसाज़ी और आपराधिक साज़िश के केस से जुड़ा है।
कोर्ट ने खेड़ा की उस अर्ज़ी को भी नामंज़ूर किया, जिसमें उन्होंने ट्रांजिट ज़मानत को अगले मंगलवार तक बढ़ाने की मांग की थी, ताकि वह सोमवार को असम कोर्ट में पेश हो सकें।
जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने कहा कि अगर संबंधित कोर्ट काम नहीं कर रहा है तो मामले की सुनवाई के लिए अनुरोध किया जा सकता है, जिस पर मौजूदा चलन के अनुसार विचार किया जाएगा।
बेंच ने यह भी साफ़ किया कि खेड़ा की अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी पर विचार करते समय संबंधित कोर्ट पर न तो हाईकोर्ट के आदेश की टिप्पणियों का और न ही सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने वाले आदेश का कोई असर पड़ना चाहिए।
बता दें, यह केस असम पुलिस ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा की शिकायत पर दर्ज किया। शिकायत में खेड़ा पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने दावा किया कि रिनिकी के पास अलग-अलग देशों के कई पासपोर्ट हैं।
10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ़्ते के लिए ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत दी थी। असम राज्य ने इसे चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।
15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई। बाद में खेड़ा ने रोक हटाने के लिए एक अर्ज़ी दायर की।
Case Details: THE STATE OF ASSAM v. PAWAN KHERA | Diary No. - 22236/2026

