रूस में यूक्रेन युद्ध में 10 भारतीयों की मौत; कई स्वेच्छा से गए थे: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
Praveen Mishra
24 April 2026 2:15 PM IST

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को केंद्र सरकार ने बताया कि रूस गए 10 भारतीय नागरिकों की यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में मौत हो गई है।
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ 26 भारतीयों के परिजनों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनका आरोप है कि उन्हें नौकरी के बहाने रूस ले जाकर युद्ध में शामिल कर दिया गया। केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि इन 26 में से 10 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और अधिकांश ने रूसी संस्थाओं के साथ स्वेच्छा से अनुबंध के आधार पर युद्ध में भाग लिया, हालांकि कुछ मामलों में एजेंटों द्वारा गुमराह किए जाने की बात भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि Ministry of External Affairs (विदेश मंत्रालय) प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और इस पूरे मामले में बहु-आयामी रणनीति के तहत काम कर रहा है।
वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने इन दावों का विरोध करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय परिवारों के संपर्क में नहीं है, न ही डीएनए सैंपल लिए गए हैं, और पीड़ितों को पासपोर्ट जब्त कर जबरन युद्ध में धकेला गया।
इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसे सावधानीपूर्वक संभालने की आवश्यकता है। केंद्र ने यह भी बताया कि कुल 215 भारतीय रूस गए थे, जिनमें से 26 के परिवार इस याचिका के माध्यम से अदालत पहुंचे हैं; इनमें 10 की मृत्यु हो चुकी है, एक व्यक्ति आपराधिक मामले में जेल में है और एक अब भी स्वेच्छा से वहीं रह रहा है।
सरकार ने यह भी कहा कि मृतकों के पार्थिव अवशेष वापस लाने के प्रयास किए गए, लेकिन कुछ मामलों में परिवारों के सहयोग की कमी के कारण कठिनाइयाँ आईं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि एजेंटों ने नौकरी का झांसा देकर उन्हें फंसाया और वे लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को अब तक उठाए गए कदमों पर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

