रिश्तेदारों को ठेके देने का आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के खिलाफ CBI जांच का आदेश

Praveen Mishra

6 April 2026 1:18 PM IST

  • रिश्तेदारों को ठेके देने का आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के खिलाफ CBI जांच का आदेश

    अरुणाचल में ठेकों के आवंटन में कथित अनियमितताओं पर CBI जांच का आदेश: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक ठेकों के कथित अनियमित आवंटन के मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) को प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया है। यह आरोप मुख्यमंत्री Pema Khandu के परिजनों की कंपनियों को ठेके देने से जुड़ा है।

    जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अँजरिया की खंडपीठ ने CBI को 16 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है कि क्या इस मामले में विस्तृत जांच आवश्यक है।

    कोर्ट ने CBI को 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक दिए गए ठेकों की जांच करने को कहा है, हालांकि आवश्यकता होने पर इससे बाहर के मामलों की भी जांच की जा सकती है।

    अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे 4 सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक रिकॉर्ड CBI को उपलब्ध कराएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई दस्तावेज नष्ट न हो। साथ ही, मुख्य सचिव को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश दिया गया है।

    क्या हैं आरोप?

    याचिकाकर्ताओं—Save Mon Region Federation और Voluntary Arunachal Senaa—ने आरोप लगाया कि लगभग ₹1270 करोड़ के ठेके मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों की कंपनियों को दिए गए। इनमें उनकी पत्नी की कंपनी 'M/s Brand Eagles' और भतीजे Tsering Tashi की कंपनी 'M/s Alliance Trading Co.' शामिल हैं।

    कोर्ट की कार्यवाही

    यह याचिका 2024 में दायर की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय से जवाब मांगा था। इससे पहले, मुख्यमंत्री के पिता Dorjee Khandu से जुड़े एक अन्य मामले में भी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट मांगी गई थी।

    कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आचार संहिता के अनुसार कोई मंत्री अपने परिजनों को अनुचित लाभ नहीं दे सकता।

    फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने CBI को प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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