बार काउंसिल चुनाव: महिला सदस्यों के को-ऑप्शन का तरीका तय करे धूलिया समिति- सुप्रीम कोर्ट
Praveen Mishra
13 April 2026 2:18 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य बार काउंसिल चुनावों में 30% महिला आरक्षण से जुड़े मामले में आज उच्चस्तरीय निगरानी समिति, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया कर रहे हैं, को 10% महिला उम्मीदवारों के को-ऑप्शन की प्रक्रिया तय करने का निर्देश दिया।
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें को-ऑप्शन के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई गई थी। कोर्ट के समक्ष विभिन्न विकल्प रखे गए, जैसे अधिक वोट पाने के बावजूद हारने वाली महिला उम्मीदवारों में से को-ऑप्शन करना, या यह प्रक्रिया राज्य बार काउंसिल, BCI या चुनाव समिति द्वारा कराना।
अदालत ने कहा कि सभी विकल्पों के अपने फायदे-नुकसान हैं और इस पर अंतिम निर्णय धूलिया समिति ही लेगी, जो सभी हितधारकों से परामर्श करेगी। कोर्ट ने यह भी माना कि को-ऑप्शन के तरीके को लेकर पूर्व आदेश में स्पष्टता की कमी के कारण विवाद उत्पन्न हुआ है।
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि जहां पर्याप्त महिला उम्मीदवार हैं, वहां 30% आरक्षण चुनाव के जरिए ही पूरा किया जाना चाहिए। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल संकरणारायणन ने BCI द्वारा को-ऑप्शन किए जाने पर आपत्ति जताई।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि को-ऑप्शन केवल अस्थायी उपाय था और इसका उद्देश्य उन स्थितियों से निपटना है जहां पर्याप्त महिला उम्मीदवार निर्वाचित नहीं हो पातीं। अंततः, इस मुद्दे पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी जस्टिस धूलिया समिति को सौंप दी गई।

